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Lucknow News: सिलबट्टा भी है पुरातत्व का अंग

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कार्यक्रम को संबोधित करते डॉ. राकेश तिवारी।
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लखनऊ। घरों में इस्तेमाल होना वाला सिलबट्टा भी पुरातत्व का अंग हैं। इसके माध्यम से भी पुरातात्विक इतिहास की जानकारी मिलती है। बुधवार को राज्य पुरातत्व निदेशालय की ओर से शुरू 11 दिवसीय पुरातत्व अभिरुचि पाठ्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक डॉ. राकेश तिवारी ने यह जानकारी दी।
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राज्य पुरातत्व निदेशालय की निदेशक रेनू द्विवेदी ने बताया कि खपड़ा (खपरैल) भी पुरातत्व खोज का हिस्सा है। कहा कि पुरातात्विक स्मारकों, स्थलों का भ्रमण कराना चाहिए। इससे किसी भी संस्कृति के उद्भव, विकास व प्रसार को समझा जा सकेगा।

कार्यशाला में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, नई दिल्ली व अन्य राज्यों के विद्यार्थी भी शामिल रहे। संचालन डॉ. मनोज कुमार यादव, उत्खनन एवं अन्वेषण अधिकारी राम विनय, सहायक पुरातत्व अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार रस्तोगी, प्रकाशन सहायक बलिहारी सेठ मौजूद रहे।
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