बिना टीईटी के समायोजन की मांग कर रहे शिक्षा मित्रों के विरोध के चलते कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल को धरना स्थल से लौटना पड़ा।
जगदंबिका पाल लक्ष्मण मेला स्थल पर धरना-प्रदर्शन कर रहे विभिन्न संगठनों से मिलने पहुंचे थे। वे जैसे ही शिक्षा मित्रों के पास पहुंचे तो वे ‘वापस जाओ-वापस जाओ’ के नारे लगाने लगे।
उनका कहना था कि ये कोई राजनीतिक मंच नहीं है। इस पर कांग्रेस नेता वहां से लौट लिए। आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में क्रमिक अनशन पर डटे शिक्षा मित्रों ने गुरुवार को भी प्रदर्शन जारी रखा।
कार्य का बहिष्कार कर पहुंचे झांसी मंडल के शिक्षा मित्रों ने मुंह पर लाल पट्टी बांध जमकर नारेबाजी की। इसी दौरान जगदंबिका पाल वहां पहुंचे तो शिक्षा मित्र वापस जाओ-वापस जाओ के नारे लगाने लगे।
प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने कहा कि शिक्षा मित्रों को भरोसा है कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों को पूरा करेगी। विरोध के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये कोई राजनीतिक मंच नहीं है।
हम किसी से झूठे आश्वासन नहीं लेना चाहते। हम सच्चे शिक्षा मित्र हैं। तालाबंदी कर हम शिक्षा को प्रभावित नहीं करना चाहते।
वहीं, प्रांतीय सचिव रीना सिंह ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद भी शिक्षा मित्रों को लेकर सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। लिहाजा 5 फरवरी को शिक्षा मित्र सरकार से आरपार की लड़ाई के मूड बना चुके हैं।
प्रांतीय महामंत्री विश्वनाथ सिंह कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा मित्र 27 फरवरी को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एकत्र होकर समाजवादी पार्टी के घोषित प्रत्याशियों के घर का घेराव कर ज्ञापन देंगे।