बगैर डॉक्टर की सलाह के गर्भ निरोधक गोलियों के सेवन से महिलाएं बीमार हो रही है। कई बार अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने के लिए लड़कियां और महिलाएं ऐसी दवाओं का सेवन करती हैं।
यह चलन पिछले दिनों में तेजी से बढ़ा है। इस पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो समाज और परिवार के लिए गंभीर समस्या हो सकती है।
क्वीन मेरी अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी जायसवार ने यह जानकारी शुक्रवार को कन्वेंशन सेंटर में आयोजित बारहवें वर्ल्ड कांग्रेस और 20वें इंडियन कॉन्फ्रेंस ऑफ नेशनल एसोसिएशन ऑफ रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ में दी।
उन्होंने बताया कि गर्भ निरोधक दवाएं खाने वाली सौ मरीजों में तीन से चार जरूर ऐसे होते हैं जिन्हें इसके चलते परेशानी होती है।
इन दवाओं का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के कतई नहीं करना चाहिए। सेक्सुअल रिलेशनसिप के दौरान सेफ्टी मेजर्स पर जो लोग ध्यान नहीं देते हैं वो खुद से इस तरह की दवाओं का सेवन करते हैं।
ओपेन मार्केट में बिकने वाली ये दवाएं अब घातक होने लगी है। कई बार इन दवाओं का नियमित सेवन करने वाले संक्रमण से ग्रसित पाए गए।
डॉ. जायसवार की मानें तो प्रेग्नेंसी से बचने के लिए महिलाएं पिल्स तो खा लेती हैं लेकिन इसका सीधा नुकसान शरीर पर पड़ता है।
बॉडी टेंप्रेचर डिस्टर्व होने के साथ इंफेक्शन हो जाता है। इसके बाद ब्लीडिंग का खतरा रहता है। फेलोपियन ट्यूब में इंफेक्शन के चलते बांझपन का भी खतरा रहता है।
वो बताती हैं कि एंटी प्रेग्नेंसी पिल्स से बीपी लो होने के साथ मेंटल लेवल भी डाउन हो जाता है और मरीज गंभीर परिस्थितियों में डिप्रेशन में चला जाता है।