भगवान विष्णु के नर नारायण, हयग्रीव का अवतार इसी दिन हुआ था। भगवान ब्रह्मा के पुत्र अक्षय कुमार का जन्म भी इसी दिन हुआ था। श्री बद्रीनारायण के पट भी इसी दिन खुलते हैं और वृंदावन में श्रीबिहारी जी के चरणों के दर्शन वर्ष में इसी दिन होते हैं। 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पूजा का मुहूर्त प्रात: 05:29 से दोपहर 12:04 बजे तक श्रेष्ठ है। इस दिन किया गया दान अक्षय यानि की जिसका क्षय न हो माना जाता है।
सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अक्षय तृतीया पर सोना आदि खरीदने का समय मंगलवार 29 अप्रैल को शाम 5:31 से 30 अप्रैल को सुबह 05:29 तक रहेगा। बुधवार 30 अप्रैल को प्रात: 5:29 से दोपहर 2:12 बजे तक श्रेष्ठ है। महंगी धातु नहीं खरीद सकते हैं तो मिट्टी का मटका या फिर पीतल की वस्तु, पीली सरसों, केसर, हल्दी की गांठ आदि भी खरीद सकते हैं।