लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक कॉम्प्लेक्स में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वाणिज्य कर विभाग का छापा पड़ गया। दरअसल, एक बिल्डर ने फ्लैट बेचने पर खरीदारों से जो जीएसटी वसूल किया, वह शत-प्रतिशत सरकारी खजाने में जमा नहीं किया। बिल्डर ने जीएसटी की लगभग 25 लाख की रकम को दबा लिया। बिल्डर का होटल व्यवसाय भी है।
वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी (विशेष अनुसंधान शाखा) टीम ने सोमवार को रामकुमार प्लाजा स्थित बिल्डर के कार्यालय पर छापेमारी की। यहीं से होटल व्यवसाय का भी संचालन किया जाता है। एसआईबी के संयुक्त आयुक्त अखिलेश सिंह ने बताया कि इस बिल्डर ने सुशांत गोल्फ सिटी में दो भाइयों की फर्म ने सेलिब्रिटी गार्डेन सहित कई निर्माण किये थे।
बिल्डर ने इस गोल्फ सिटी के फ्लैट बेचने पर खरीदारों से जो जीएसटी वसूल की वह पूरा सरकार के खजाने में नहीं पहुंचा। इसका खुलासा तब हुआ, जब बिल्डर के रिटर्न की जांच की गई तो अनियमितता पकड़ में आई। इसी सिलसिले में अफसरों की टीम ने बिल्डर के कार्यालय में दस्तक देकर कारोबारी दस्तावेजों की जांच की।
अब तक फौरी जांच में बिल्डर द्वारा 25 लाख रुपये की सरकारी रकम को दबाने का मामला पकड़ा जा चुका है। उम्मीद है कि ये रकम और बढ़ सकती है। व्यापक जांच करने के लिए रिटर्न के दस्तावेजों को सीज करके साथ ले आए हैं।