इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एसआई भर्ती 2021 में अंतिम चयन/नियुक्ति को याचिका में पारित होने वाले वाले निर्णय के अधीन कर दिया है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने यह आदेश रवींद्र प्रताप सिंह व 49 अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया है।
याचियों ने भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की गुजारिश की है। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते और याचियों को उसका प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए हफ्ते भर का समय भी दिया है।
याचियों के वकील विधु भूषण कालिया व रजत राजन सिंह की दलील थी कि इस भर्ती परीक्षा के संबंध में अब तक 31 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। इसमें कहा गया है कि भर्ती परीक्षा में एक सॉल्वर गैंग काम कर रहा था।
लिखित परीक्षा कराने की जिम्मेदारी जिस एजेंसी को दी गई थी, उसके कर्मचारियों पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। ऐसे में एसटीएफ के लिए यह पता लगा पाना मुश्किल है कि कौन अभ्यर्थी गड़बड़ी में शामिल थे और कौन नहीं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई वाले हफ्ते में नियत की है।