मथुरा जिले की मांट सीट का अपना मिजाज है। लहर कोई भी रही हो, श्याम सुंदर शर्मा उससे अछूते रहे। इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ा कि वे किस दल से उतरे। हां यह बात अलग है कि 2012 में जाट बहुल इस सीट पर रालोद मुखिया जयंत चौधरी ने उनके विजय रथ को रोका था। पर, छह महीने के भीतर ही जयंत के सीट छोड़ने पर हुए उपचुनाव में शर्मा फिर से इस पर काबिज हो गए।
बहरहाल, 2017 में बसपा से मैदान में उतरे श्याम सुंदर शर्मा, रालोद के योगेश नौहवार से बेहद कड़े मुकाबले में 432 मतों के अंतर से जीते और आठवीं बार विधायक बने। इस बार वे फिर से बसपा से ही उम्मीदवार हैं। भाजपा, सपा व कांग्रेस उनकी घेराबंदी में जुटी हुई हैं। तीनों ने जाट उम्मीदवार उतारे हैं। भाजपा ने अपने पुराने चेहरे एसके शर्मा को बदलकर राजेश चौधरी पर दांव लगाया है, तो सपा-रालोद ने संजय लाठर को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने सुमन चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
मांट में एक लाख से अधिक जाट मतदाता हैं। करीब 55 हजार ब्राह्मण मतदाता हैं। दलित करीब 42 हजार तो ठाकुर मतदाता 38 हजार हैं। मुस्लिम 22 हजार, वैश्य 20 हजार, गुर्जर, बघेल और निषाद 12-12 हजार हैं। श्याम सुंदर शर्मा इन सभी जातियों में अपनी पकड़ रखते हैं। लेकिन भाजपा, सपा और कांग्रेस उनका खेल बिगाड़ने की कोशिश में हैं। श्याम सुंदर शर्मा की कोशिश ब्राह्मण, दलित, मुस्लिम और अन्य पिछड़े वर्ग के सहारे नौवीं बार अपनी विजय पताका फहराने की है। राजेश चौधरी के सहारे भाजपा की कोशिश जाटों के साथ ठाकुर, ब्राह्मण और अन्य पिछड़े वर्ग के गठजोड़ से यहां कमल खिलाने की है।
2017 में कांटे का था मुकाबला
श्याम सुंदर शर्मा, बसपा -- 65,862
योगेश चौधरी, रालोद -- 65,430
सतीश कुमार शर्मा, भाजपा -- 59,871
जगदीश सिंह, कांग्रेस -- 13,270
जनता ही मेरी ताकत है
मांट से विधायक श्याम सुंदर शर्मा का कहना है कि जनता ही मेरी ताकत है। मैं जनता और जनता मेरे लिए बनी है। हम दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। पिछले पांच साल में जनता से किया गया प्रत्येक वादा निभाया। लोगों के हर दुख-दर्द का मैं हिस्सा बनता हूं, उनकी हर संभव मदद करता हूं। विकास कार्यों के लिए निरंतर प्रगतिशील रहता हूं।
रालोद के नेता योगेश नौहवार का कहना है कि विधायक सिर्फ लच्छेदार बातें करते हैं। 30 साल पहले मांट क्षेत्र जैसा था, आज भी वैसा ही है। तहसील मुख्यालय को नगर पंचायत का दर्जा तक नहीं मिला है। नौहझील भी ग्राम पंचायत है। एक भी फैक्टरी नहीं है।