अंतरिक्ष में 16 बार डूबता और उगता है सूरज
अंतरिक्ष में एक दिन में 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त दिखाई देता है, क्योंकि अंतरिक्ष स्टेशन, यान और उपग्रह 28,800 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धरती का चक्कर लगाते हैं। इस हिसाब से हर डेढ़ घंटे में एक बार सूर्योदय और एक बार सूर्यास्त होता है। हकीकत में रात हो रही या सुबह, इसे जानने के लिए अंतरिक्ष में यूनिवर्सल टाइम यानी लंदन टाइम का इस्तेमाल किया जाता है।
अंतरिक्ष में खाने को क्या ले जा रहे हैं शुभांशु
अंतरिक्ष की यात्रा में एस्ट्रोनॉट, नासा की तरफ से स्पेशल पैक किया हुआ खाना ले जाते हैं। कहा जा रहा है कि शुभांशु भारतीय खानों में मूंग की दाल का हलवा, गाजर का हलवा, राजमा-चावल, जयपुरी मिक्स वेज जैसी चीजें ले जाएंगे।
अंतरिक्ष में होती है यूरिन की रिसाइक्लिंग
अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं होता, इसलिए वहां टॉयलेट का उपयोग एक सामान्य टॉयलेट जैसा नहीं होता, बल्कि यह एक विशेष वैक्यूम टॉयलेट होता है, जो मल को टैंक में खींच लेता है। अंतरिक्ष में पानी की कमी बड़ी चुनौती होती है, इसलिए यूरिन की रिसाइक्लिंग होती है। उसे फिल्टर करके पीने के पानी में बदल लिया जाता है।