फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी करने वाली सफाईकर्मी रमावती को डीपीआरओ ने सोमवार को बर्खास्त कर दिया है। डीपीआरओ नंदलाल ने अपने आदेश में कहा कि इकौना के ग्राम नरपतपुर के झब्बापुरवा निवासी मंजू देवी ने जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से शिकायत की थी। वहीं गोंडा के ग्राम गोसाईपुरवा निवासी पटमेश्वरी गोस्वामी ने भी रामावती के अंकपत्र व टीसी की जांच कराने की मांग की थी। शिकायत मिलने पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत मुरलीधर से जांच कराई गई।
जांच में बहराइच के सत्य साईं इंटर कॉलेज साईंपुरम के प्रधानाचार्य ने लिखित रूप से बताया था कि रामावती का न तो उनके विद्यालय में कभी नामांकन हुआ न ही कोई परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है। उसका शैक्षिक प्रमाणपत्र कूट रचित व फर्जी है।
इस पर डीपीआरओ ने रामावती को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने व स्पष्टीकरण देने को कहा था। इसके बावजूद वह कार्यालय नहीं पहुंची। चार मार्च को 2025 को उसे निलंबित करते हुए सहायक विकास अधिकारी पंचायत जमुनहा दिग्विजय सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया था।
इसके बाद 21 अप्रैल को दोबारा रामावती से दो दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया। पर उसने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर डीपीआरओ ने सोमवार को रामावती को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है।