बूथ के बाहर लगी महिला वोटरों की कतारें।
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लोकतंत्र के महापर्व में शनिवार को श्रावस्ती संसदीय सीट पर हुए मतदान में बूथों पर मतदाताओं की कतारें सुबह और शाम को ही दिखीं। दोपहर में सन्नाटे जैसा महौल रहा। पांचों विधानसभा क्षेत्रों में 52.76 फीसदी ही मतदान हुआ। जो साल 2019 के मुकाबले 0.68 फीसद अधिक मतदान हुआ। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में 52.08 फीसदी मतदान हुआ था। दिन चढ़ने के साथ हर घंटे में वोट प्रतिशत बढ़ने और फिर अंत में मतदान के साथ ही राजनीतिक खेमे में धड़कनें भी तेज होती रहीं।
सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक हुए मतदान में संसदीय क्षेत्र के बलरामपुर विधानसभा में सबसे कम 47.33 फीसदी ही मतदान हुआ। इसी तरह गैसड़ी में 51.10 फीसदी, तुलसीपुर में 49.58 फीसदी मतदान हुआ। इसके अलावा श्रावस्ती विधानसभा में 58.98, भिनगा में 56.77 फीसदी मतदान हुआ। बलरामपुर से श्रावस्ती जनपद के मतदाताओं ने अधिक जोर लगाया। मतदान केंद्रों पर सुबह छह बजे ही विभिन्न राजनीतिक दलों के एजेंट, नेता और कार्यकर्ता पहुंच गए थे। मतदान केंद्रों के बाहर स्टाल लगाकर मतदाताओं का इंतजार किया गया।
सुबह सात बजे मतदान प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें कई उत्साहित मतदाता पहला वोट डालने के लिए पहुंचे। इनमें ऐसे भी कई मतदाता थे, जो सुबह जल्दी मतदान करके अपने कारोबार के लिए निकल गए। हालांकि कई बूथों पर ईवीएम खराब होने से मतदान कुछ देर तक प्रभावित भी रहा। दो स्थानों पर सुविधाओं की कमी से नाराज होकर मतदान देने नहीं गए, जो मान मनौव्वल के बाद मतदान को राजी हुए। दोपहर के बाद उन बूथों पर मतदान शुरू हो सका। शहरी क्षेत्र के लगभग सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी सर्विलांस लगाया गया था, जिससे पोलिंग बूथ के भीतर की सारी गतिविधियां कैद की गईं।
प्रत्येक पोलिंग बूथ पर सुरक्षाकर्मियों के साथ पोलिंग स्टाफ तैनात था। जैसे जैसे दिन आगे बढ़ता गया मतदान को लेकर जोश भी बढ़ा। दोपहर से पहले लगभग सभी पोलिंग स्टेशनों पर मतदाताओं की कतारें लगी हुई थीं। क्या युवा क्या बुजुर्ग हर कोई लोकतंत्र के इस पर्व में शामिल होने के लिए पहुंचा था। दोपहर में अधिकांश बूथों पर सन्नाटा पसरा और शाम से फिर लाइन लगीं। शाम को भी ज्यादा देर तक मतदान नहीं हो सका। मतदाताओं की यह भी शिकायत थी कि ईवीएम प्रक्रिया में अधिक समय लगाया जा रहा था, जिससे उन्हें ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
ईवीएम खराब होने से परेशानी
बूथ संख्या 282 को कोहरौडा में ईवीएम खराब होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में दूसरी इवीएम मंगवाया गया। यहां पर करीब डेढ़ घंटे मतदान बाधित रहा। मुड़िला बूथ पर भी ईवीएम खराब होने से समस्या आई।