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शिवपाल यादव भड़के बैंक अफसरों पर

Tue, 18 Nov 2014 12:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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सहकारिता व लोक निर्माण मंत्री उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक में गड़बड़ियों की शिकायत से बेहद नाराज हैं। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी की शिकायतों की अब सीधे सीबीआई जांच होगी।
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साथ ही इसमें दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। यादव ने ये बातें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के तहत सोमवार को यहां आयोजित ‘कोऑपरेटिव बैंक की सहकारिता एवं वित्तीय समावेश’ विषयक गोष्ठी में कही।

प्रदेश भर के कोऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष व सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि सहकारी बैंक व्यवसायिक बैंकों की तरह सुविधाएं उपलब्ध कराए।
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अधिकारी व कर्मचारी ईमानदारी व निष्टा से काम करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश में 50 सभी उप्र. कोऑपरेटिव बैंक जल्द ही काम करेंगे, लेकिन बैंकों के अध्यक्ष बेहतर सुविधाएं दें।
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कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग पर दी सहमति

सहकारिता मंत्री ने कहा कि यूपी कोऑपरेटिव बैंकों में चतुर्थ श्रेणी स्तर पर कर्मचारियों की भर्ती का अधिकार बैंक अध्यक्ष को है। इसके लिए प्रमुख सचिव स्तर से दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

वहीं समितियों में सचिवों की भर्ती पर सहमति देते हुए कहा कि जल्द व्यवस्था की जाएगी। लेकिन उन्होंने सफाई कर्मियों की भर्ती के संबंध में कुछ भी नहीं कहा।

इस मौके पर आयुक्त व प्रबंधक प्रमुख सचिव शैलेश कृष्णा ने बैंकों के चेयरमैन व अध्यक्षों से बैंकों में गलत काम न होने की अपील की।

बैंक प्रबंध निदेशक हीरालाल यादव ने बैंक लोन की वसूली को लेकर सरकार से मदद मांगते हुए कहा किपैैक्स में लेखा प्रणाली में पारदर्शी बनाया जाए।

इसके लिए नियमित समीक्षा की व्यवस्था की जाए। वहीं उप्र. कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष फतेह बहादुर सिंह ने 16 बैंकों के लाइसेंस दिए जाने की मांग की।
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एनएचएआई के काम से शिवपाल नाखुश

लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधीन राजमार्गों की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई है।

उन्होंने एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया। कहा, एनएचएआई को यदि राजमार्गों के निर्माण एवं मरम्मत में कोई दिक्कत हो रही है तो वह प्रदेश को वापस कर दे।

प्रदेश सरकार प्राथमिकता के आधार पर इनका निर्माण व मरम्मत करा लेगी। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कुल 7600 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों में लगभग 4000 किमी राजमार्ग एनएचएआई के पास है।

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-24 बी रायबरेली-इलाहाबाद, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-29 वाराणसी-गोरखपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-91 अलीगढ़-कानपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-24 बरेली-सीतापुर, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-232 टांडा-लालगंज-फतेहपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-25 लखनऊ-कानपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग-56 लखनऊ-सुल्तानपुर और राष्ट्रीय राजमार्ग-74 बरेली-सितारगंज की स्थिति सबसे खराब है।
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