शिवपाल ने कहा, मैंने लंबा इंतजार करने के बाद बहुत सोच-समझकर मोर्चा बनाया है। नेताजी का आशीर्वाद हमारे साथ है। मुझे न तो सपा की किसी बैठक में, न ही विधानमंडल दल की बैठक में बुलाया जाता था। राज्यसभा चुनाव के दौरान बुलाया गया तो मैं दोनों दावतों में शामिल हुआ।
जया बच्चन को वोट दिया। राष्ट्रपति के चुनाव में न तो सपा और न ही कांग्रेस ने मुझसे बात की। रामनाथ कोविंद ने दो बार वोट मांगा, मुख्यमंत्री का भी फोन आया। मैंने डंके की चोट पर कोविंद को वोट दिया। अब जो कदम बढ़ाया है, वह पीछे नहीं हटेगा।
शिवपाल ने भाजपा से गठबंधन की संभावना से इनकार किया। कहा, भाजपा समान विचारधारा वाली पार्टी नहीं है। उसने वादे पूरे नहीं किए। अच्छे दिन नहीं आए। नोटबंदी, जीएसटी से व्यापार तबाह हो गया, उद्योग-धंधे बंद हो गए। बेरोजगारी बढ़ी है। जनता परेशान है। भाजपा का जनाधार गिरने का हमें लाभ मिलेगा।
अधिकतर पूर्व विधायक मोर्चे के साथ आएंगे
शिवपाल ने कहा कि आने वाले समय में अधिकतर पूर्व विधायक हमारे साथ आएंगे। यादव महासभा भी हमें सपोर्ट करेगी। अतीक अहमद के सेकुलर मोर्चा में शामिल होने की संभावना पर कहा कि अभी बातचीत नहीं हुई। समय आने पर विचार करेंगे।
शिवपाल ने विधायक पद से इस्तीफे की अटकलों का खारिज किया। कहा, सपा का विधायक हूं। सेकुलर मोर्चा बनाया है लेकिन अभी सपा नहीं छोड़ी। जब पार्टी बनेगी, चुनाव लड़ना होगा तो देखा जाएगा।