लोकनिर्माण व सिंचाई मंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता शिवपाल सिंह यादव ने असहिष्णुता के विरोध में लेखकों, साहित्यकारों द्वारा पुरस्कार लौटाने का समर्थन किया। शिवपाल बुधवार को सपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, भाजपा फासिस्ट पार्टी है। आरएसएस के लोग अमन-चैन और सद्भाव पसंद नहीं करते हैं।
प्रधानमंत्री असहिष्णुता को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे। इसीलिए अब वैज्ञानिक भी अपने सम्मान लौटाकर विरोध प्रकट कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनाव में सपा ने 60 फीसदी से अधिक सीटें जीती हैं। बसपा प्रदेश में कहीं नहीं है। मायावती यहां राजनीतिक पर्यटक की तरह आती हैं और चली जाती हैं।
उनका फिर से मुख्यमंत्री बनने का सपना मुंगेरी लाल के हसीन सपने जैसा है। वर्ष 2017 के चुनाव में सपा का सीधा मुकाबला भाजपा से होगा। शिवपाल बुधवार को सपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में जनता ने सपा के पक्ष में वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से भी ज्यादा समर्थन दिया है। सपा ने अधिकृत प्रत्याशी नहीं उतारे थे, लेकिन सपा के पदाधिकारी, कट्टर समर्थक और वफादार लोग 60 प्रतिशत से ज्यादा सीटों पर विजयी रहे हैं।
59 जिलों में दहाई का आकड़ा नहीं पार कर सके अधिकृत प्रत्याशी
शिवपाल ने कहा कि जिन दलों ने अधिकृत प्रत्याशी उतारे थे, वे 59 जिलों में दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सके हैं। 30 जिलों में उनकी सीटें पांच से ऊपर नहीं पहुंच सकीं। कांग्रेस का तो अधिकतर जिलों में खाता ही नहीं खुला।
भाजपा, बसपा और कांग्रेस ने मिलकर 20 फीसदी सीटों पर जीत दर्ज की हैं। जब जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव होंगे, तो सही तस्वीर सामने आ जाएगी। पंचायत चुनाव की कामयाबी 2017 की शुरुआत है। प्रदेश में फिर सपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।
शिवपाल ने कहा कि सपा ने सभी चुनावी वादे पूरे कर दिए हैं, इसलिए जनता ने पहले विधानसभा उपचुनावों और अब पंचायत चुनाव में फासिस्ट ताकतों को किनारे कर उसे भारी समर्थन दिया।
अमेरिकी एजेंसी और वहां के डेमोक्रेटिक पार्टी के सलाहकार से मुख्यमंत्री की मुलाकात पर बोले, सलाह तो किसी से भी ली जा सकती है, इसमें बुराई क्या है?
मंत्रियों की हार निष्पक्षता पर मुहर
पंचायत चुनाव में सपा सरकार के कई मंत्रियों के निकट संबंधियों की हार पर शिवपाल ने कहा कि यह निष्पक्ष चुनाव का उदाहरण है। राज्य निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्वक और बिना पक्षपात के चुनाव कराया है।
हमारे साथ आ जाएंगे ओवैसी के लोग
शिवपाल ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी प्रदेश में है ही नहीं। पंचायत चुनाव में उनके जो इक्का-दुक्का लोग जीते हैं, वे भी हमारे साथ आ जाएंगे।
मोदी बोलते हैं, करते कुछ नहीं
शिवपाल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पहले वाले प्रधानमंत्री न बोलते थे, न कुछ करते थे। मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोलते बहुत हैं, लेकिन करते कुछ नहीं।
दाल आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई है। सब्जी समेत सभी चीजों के दाम बढ़ रहे हैं। यूपी में सूखा पड़ा, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि हुई, इसकी केंद्र सरकार को कोई चिंता नहीं है। बड़ी-बड़ी बातें करने वाले प्रदेश की सर्वाधिक उपेक्षा कर रहे हैं।