सिंचाई विभाग के अफसर व इंजीनियर बाढ़ व सूखाग्रस्त इलाकों में रात्रि विश्राम करेंगे। सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने इस बाबत निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने कहा कि अधिकारी रात में रुकेंगे तो ग्रामीणों की समस्याएं खुद महसूस करेंगे और समस्याओं का जल्द निस्तारण होगा।
मंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की जो भी समस्याएं हैं उसे तत्काल निस्तारित की जाएं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की भी फिक्र की शिवपाल ने
शिवपाल सिंह यादव मंगलवार को सिंचाई भवन के सभागार में प्रदेश के सूखा व बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के अधीक्षण अभियंताओं के साथ ही विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सिंचाई कार्य किसी भी कीमत पर प्रभावित न हो। यदि टयूबवेल के चलने में बिजली की समस्या आड़े आए तो जेनरेटर किराये पर लेकर ट्यूबवेल चलाए जाएं।
पानी के अभाव में किसी भी किसान की फसल बर्बाद नहीं होनी चाहिए। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में क्षतिग्रस्त बंधों के निर्माण का बजट शीघ्र पेश किया जाए। अभियंता गांवों में जाकर देखें कि पानी कहां-कहां से रोका जा सकता हैं।
सात दिन में करें शासन
शिवपाल सिंह कहा कि पुरानी लिफ्ट कैनाल दुरुस्त कर ली जाएं। जितना पैसा रिलीज किया गया है उसका सदुपयोग समय से हर-हाल में समय पर करें। प्रदेश में बाढ़ग्रस्त व सूखे की स्थिति के बारे में भारत सरकार को अवगत कराया जा चुका है। केंद्र ने हर मदद का भरोसा जताया है।
सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी रबी की फसल प्रभावित न होने पाए। नहरों की सिल्ट सफाई का काम अभी से शुरू कर देना चाहिए।
नहरों व नदियों से सिल्ट निकालने की कार्ययोजना बनाकर अगले सात दिन में सर्वे करके रिपोर्ट शासन को भेज दें। बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल, सुरेश चन्द्रा, विषेश सचिव अपर्णा यू के अलावा सिंचाई विभाग के कई अभियंता शामिल थे।