कानून व्यवस्था को लेकर जहां मुख्यमंत्री कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं शिवपाल ने भी अफसरों के पेंच कसे।
प्रदेश में हर साल आने वाली बाढ़ पर प्रदेश के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने अफसरों को आगाह करते हुए कहा कि ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि इस बार कोई भी बांध टूटना नहीं चाहिए।
अगर बरसात में बांध टूटा तो दोषी अधिकारियों को दंडित किया जाएगा। उन्होंने बरसात से पहले सभी काम निपटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता का खास ख्याल रखा जाए।
32 जिलों के डीएम को बुलाया
शिवपाल यादव बुधवार को योजना भवन में बाढ़ से निपटने के इंतजामों की समीक्षा कर रहे थे। इसमें बाढ़ के लिए संवेदनशील 32 जिलों के डीएम बुलाए गए थे।
शिवपाल ने कहा कि सभी जिलाधिकारी बाढ़ की समस्या से निपटने की तैयारियां पूरी कर लें। संवेदनशील व अति संवेदनशील तथा ऐसे जिले जिनमें बाढ़ आने की आशंका है उन्हें यथाशीघ्र चिह्नित कर लें।
सभी जिलाधिकारी इंजीनियरों के साथ मौके पर जाकर योजना बनाएं।
मिला 468 करोड़ रूपये का फंड
सिंचाई मंत्री ने कहा कि बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए सरकार ने 468 करोड़ रुपये का फंड दे दिया है। पैसे की कोई समस्या नहीं है।
नदियों से सिल्ट निकालकर भी बाढ़ पर नियंत्रण किया जा सकता है। मोटर बोट्स, खाद्य सामग्री व शेल्टर के इंतजाम के साथ बाढ़ चौकियों की स्थापना अभी से करने के लिए कहा है।
सिंचाई मंत्री ने कहा कि डीएम अपने जिलों में तालाबों से अवैध कब्जे हटाने का अभियान चलाएं। तालाबों में पानी भरवाने के भी निर्देश दिए हैं।
इससे वाटर रिचार्जिंग की समस्या दूर होगी तथा पशुओं को पानी भी आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। इस मौके पर मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव सिंचाई व गृह दीपक सिंघल, डीजीपी एएल बनर्जी उपस्थित थे।