इत्तेहाद ए मिल्लत कौसिंल के तत्वावधान में मंगलवार को नौचंदी मैदान स्थित पटेल मंडप में सद्भावना महासम्मेलन हुआ।
जिसमें कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने दंगे के पीछे सत्ता की चाहत रखने वालों का हाथ बताया।
आचार्य प्रमोद कृष्णनम ने कहा कि जेहाद के नाम पर एके-47 लेकर चलना इस्लाम नहीं है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जनता नहीं सत्ता की चाहत रखने वाले प्रदेश में दंगा करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे की शुरूआत जातीय संघर्ष से हुई थी। प्रशासनिक लापरवाही के कारण इसने सांप्रदायिक रूप ले लिया।
उन्होंने दावा किया कि 24 घंटे के भीतर इस पर काबू पा लिया था। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे की निष्पक्ष जांच होगी। शिवपाल यादव ने कहा कि हम मजहबी दीवारों में बंटे हैं।
देश में सांप्रदायिक ताकतें और बेईमान राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम से एक साथ तरक्की के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
आचार्य प्रमोद कृष्णनम ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि राम और कृष्ण की भूमि पर आज आपसी मोहब्बत का सबूत देना पड़ रहा है।
सत्ता पाने और राजनीतिक वजूद कायम करने को मजहब को हथियार बनाया जा रहा है। उन्होंने शिवपाल यादव से कहा कि यदि सद्भाव कायम करना है तो मुस्लिमों की तरह हिंदुओं के भी जख्म सहलाने होंगे।
आचार्य ने कहा कि नरेंद्र मोदी जो चाहते हैं, वहीं कांग्रेस कर रही है और सपा भी कुछ ऐसा ही करती है।
उन्होंने चौरासी कोसी परिक्रमा पर प्रतिबंध को अनुचित बताते हुए कहा कि सपा की नजरों में साधु और संत सभी विहिप और आरएसए के आदमी हैं, जो गलत है।