लखनऊ। चौक की गलियों में अब पहले जैसी चहल-पहल नहीं है। हजरतगंज के बड़े शोरूमों में रोशनी तो जगमगा रही है, लेकिन ग्राहकों की आहट कम हो गई है। अमीनाबाद में दुकानदार बार-बार सड़क की ओर नजरें दौड़ा रहे हैं, जबकि अलीगंज में कई कारीगर खाली बैठे दिन काट रहे हैं। राजधानी के सराफा बाजारों में इन दिनों कुछ ऐसा ही दृश्य दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री की ओर से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील और सोने पर टैक्स 15 फीसदी करने के बाद शहर के प्रमुख सराफा बाजारों में कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। व्यापारियों का दावा है कि बिक्री घटकर करीब 15 फीसदी रह गई है।
कारोबारियों का कहना है कि दुकानें सिर्फ गहनों से नहीं, बल्कि उनसे जुड़े दर्जनों परिवारों की उम्मीदों से चलती हैं। अब किराया, बैंक की सीसी लिमिट, इनकम टैक्स, हाउस टैक्स और कर्मचारियों के वेतन की चिंता बढ़ती जा रही है।
Iमहंगाई के कारण कारोबार पहले से ही घट कर करीब 60 फीसदी रह गया था। पीएम की अपील के बाद सराफा बाजार में सन्नाटा पसर गया है। सराफा व्यापारियों के साथ कई परिवारों की भी रोजी-रोटी जुड़ी होती है। उन पर भी संकट है। प्रदेश के सराफा कारोबारी इसका विरोध करेंगे।I
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- मनीश कुमार वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशनI
Iहमारे साथ कई लोगों का परिवार जुड़ा होता है। ऑर्डर नहीं आएंगे तो कारीगरों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ेगा। पीएम के फालोवरों की संख्या काफी है। लिहाजा पीएम की अपील के बाद सराफा बाजार बेरौनक हो गया है। I
I- विनोद माहेश्वरी, सराफा कारोबारी, चौकI
Iमेरे एक पुराने ग्राहक ने बेटे की शादी के लिए 15 लाख रुपये के गहनों का ऑर्डर चार महीने पहले दिया था। नौ लाख रुपये एडवांस भी दिया था। मुझे आज उन्हें नौ लाख रुपये वापस करने पड़े। पीएम कम खरीदारी की बात भी कर सकते थे।I
I- मनीष वर्मा उर्फ बन्नू, वरिष्ठ महामंत्री सराफा एसोसिएशन महानगर लखनऊI
बढ़े टैक्स से बढ़ी चिंता, सोना हुआ महंगा
लखनऊ। सोने पर शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ा कर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद सराफा बाजार में सुस्ती छाई हुई है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक मंगलवार तक सोने का भाव करीब 1.56 लाख रुपये प्रति तोला था। जो बुधवार बढ़कर लगभग 1.62 लाख रुपये प्रति तोला तक पहुंच गया। चौक क्षेत्र के कारोबारी कुमार जैन का कहना है कि सराफा कारोबारियों पर तीन दिन के अंदर दोहरी मार पड़ी है। पीएम की अपील का प्रभाव तो व्यापार पर पड़ ही रहा था। अब फिर कीमत बढ़ जाने से खरीदारी कमजोर पड़ गई है। (माई सिटी रिपोर्टर)