शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्र भेज कर मदरसा बोर्ड को समाप्त कर बोर्ड से पंजीकृत मदरसों को सामान्य शिक्षा के उद्देश्य से स्कूलों में हस्तांतरित करने की मांग की है। उन्होंने बोर्ड के 16 हजार पंजीकृत मदरसों में अधिकतर को फर्जी बताते हुए मानक के विपरीत बताया। कहा कि इनमें 2500 मदरसे ऐसे हैं जो गैर मान्यता प्राप्त हैं। उनका दावा है कि मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा मानक के अनुरूप नहीं है। उनका पाठ्यक्रम अप्रचलित हो गया है।
बांग्लादेश, पाक जैसे देशों से आता है पैसा
अध्यक्ष ने पीएम व सीएम का इस ओर ध्यान दिलाया कि सरकारें मदरसों की कार्यशैली को लेकर संदिग्ध रही हैं। अधिकतर मदरसे जकात यानी दान के पैसों से चल रहे हैं। उनका आरोप है कि यह पैसा बांग्लादेश, पाकिस्तान जैसे देशों से भी आता है। यहां तक कि कुछ आतंकी संगठन भी इनकी मदद कर रहे हैं।
उन्होंने मदरसों के पंजीकरण के तय मानकों को भी जर्जर बताया। बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के मदरसों को समाप्त कर इन्हें स्कूल की श्रेणी में बदला जाए। सभी को उत्तर प्रदेश बोर्ड, सीबीएससी या आईसीएससी बोर्ड से पंजीकृत कर सामान्य शिक्षा नीति बनाई जाए ताकि मुस्लिम बच्चों की मानसिकता कट्टरपंथी न बने।
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मदरसों को खत्म कर सामान्य शिक्षा नीति बनाने की मांग करने और मदरसों में बच्चों को कट्टरपंथी बनाने के आरोप को उलमा ने बेबुनियाद बताया। उनका आरोप है कि रिजवी खुद भ्रष्टाचार की जांच से बचने के लिए फिजूल बयानबाजी कर रहे हैं। उलमा ने साफ कहा कि उन्हें मदरसों पर नहीं, बल्कि वक्फ संपत्तियों की हिफाजत पर ध्यान देना चाहिए।
मदरसे ने ही दिया देश को पहला शिक्षामंत्री
ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने जवाब देते हुए कहा है कि वसीम रिजवी के सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उनको मालूम होना चािहए कि देश की आजादी में मदरसों का अहम योगदान रहा है। मदरसे ने ही देश को मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसा पहला शिक्षा मंत्री दिया। यही नहीं मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम की शुरुआती शिक्षा भी मदरसे में ही हुई थी। मदरसों के छात्र प्लेसमेंट सौ फीसदी है। जहां तक चंदे का सवाल है तो हमें इस बात का फक्र है कि हमारी शिक्षण संस्थाएं कौम के सहयोग से चल रही हैं।
खुद की जांच से बचने के लिए कर रहे हैं बयानबाजी
वहीं, शिया धर्मगुरू मौलाना हबीब हैदर का कहना है कि रिजवी बसपा सरकार में बसपाई, सपा सरकार में सपाई और भाजपा सरकार में भाजपाई बनने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, मदरसों पर एक ऐसा व्यक्ति बेबुनियाद आरोप लगा रहा है, जो खुद भ्रष्टाचार के मामले में जांच के घेरे में है। रिजवी के बयान देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं।