बदमाश उन्हें घसीटते हुए लगभग 150 मीटर दूर स्थित दयाराम लोधी के आम के बाग की तरफ ले गए। रास्ते में भी उन्हें पीटा जाता रहा। बाग में ले जाकर बदमाशों ने उनकी गर्दन पर डंडा रखकर पैरों से दबाया। इसके बाद उनके ही मफलर का फंदा बनाकर आम के पेड़ से करीब 15 फुट ऊपर टांग दिया। बिहारीलाल ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया जबकि आरोपी भाग निकले।
करीब साढ़े सात बजे आशीष उधर से गुजरा तो पिता की साइकिल लावारिस पड़ी देख उसका माथा ठनका। उनसे आसपास तलाश की तो कुछ ही दूर पर पिता का एक जूता पड़ा मिला गया। साइकिल व जूते के आसपास खून के निशान भी थे। खून के निशान देखते हुए आशीष बाग तक पहुंचा तो नजारा देखकर उसकी चीख निकल गई। पिता का खून से लथपथ शव फंदे से लटका हुआ था।
उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग एकत्र हो गए।
आरएसएस के पदाधिकारी की हत्या की खबर मिलते ही मोहनलालगंज से भाजपा सांसद कौशल किशोर के साथ ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर आ गए। एएसपी ग्रामीण, मलिहाबाद सीओ प्रमोद कुमार सिंह व काकोरी थाना की पुलिस घटनास्थ पहुंच गई।
वारदात से आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा शुरू किया तो सांसद ने उन्हें समझाकर शांत कराया। परिवारीजनों ने अजमतनगर गांव के विशाल यादव से जमीन का विवाद बताते हुए उसके व अज्ञात साथियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।