शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव तीसरी बार स्थगित हुए हैं। पहली बार भी विरोध के कारण ही चुनाव टाला गया था जबकि दूसरी बार जुलाई में अधिसूचना जारी हुई लेकिन चुनाव नहीं कराए जा सके थे।
सबसे पहले 12 दिसंबर को सरकार ने अधिसूचना जारी कर 20 दिसंबर को चुनाव कराने का फैसला किया था।
उस समय भी मौलाना कल्बे जव्वाद व हुसैनी टाइगर्स के अध्यक्ष शमीम शम्सी ने चुनाव का विरोध किया था। इन लोगों ने सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात कर चेहल्लुम के मौके पर चुनाव न कराने की बात कही थी।
दूसरी बार जुलाई में चुनाव कराने की अधिसूचना हुई। लेकिन तब भी चुनाव नहीं हो सके। तीसरी अधिसूचना 31 जुलाई को हुई। लेकिन चुनाव फिर स्थगित हो गए।
बापू भवन में चुनाव कराने का भी था विरोध
आजम खां ने शिया वक्फ बोर्ड का चुनाव बापू भवन में कराने के निर्देश दिए थे। यह पहला मौका था जब वक्फ बोर्ड का चुनाव बापू भवन में कराए जाने की अधिसूचना जारी हुई।
इससे पहले हर बार चुनाव शिया वक्फ बोर्ड के ऑफिस इंदिरा भवन में ही कराया जाता रहा है। आजम के इस फैसले को लेकर भी लोगों में नाराजगी थी।
आजम चाहते थे चुनाव हो जाएं
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. आजम खां चाहते थे कि चुनाव हो जाएं। उन्होंने दो दिन पहले ही मौलाना कल्बे जव्वाद का नाम लिए बगैर कहा था कि ‘धर्मगुरु’ अपने बहनोई को वक्फ बोर्ड का चेयरमैन बनवाना चाहते हैं।
इसलिए वे लगातार चुनाव का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि एक बार चुनाव हो जाए उसके बाद वे सभी से हिसाब लेंगे।