लखनऊ। वक्फ संपत्तियों की रक्षा के लिए ठाकुरगंज स्थित कर्बला अब्बास बाग में रविवार रात आयोजित एहतजाजी जलसे में शिया और सुन्नी समुदाय एक मंच पर नजर आए। जलसे में धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद पर हुए हमले की वक्ताओं ने निंदा करते हुए अन्याय के खिलाफ एकजुटता का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि अब समय आ गया है, जब मजहबी मतभेदों से ऊपर उठकर अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद की जाए। जलसे में वक्फ संपत्तियों पर प्रशासनिक संरक्षण में हो रहे अवैध निर्माणों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि कुछ लोग प्रशासन की शह पर वक्फ संपत्तियों पर कब्जा और अवैध निर्माण कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को नजर नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि वे लोग आज कौम का रहबर बनना चाहते हैं, जिन्होंने हमेशा कौम के साथ गद्दारी की। नायब इमाम जुमा सरताज हैदर ने कहा कि कुछ लोग शिया-सुन्नी में मतभेद पैदाकर कौम को कमजोर करना चाहते हैं। सबको मिलकर ऐसे लोगों के मंसूबों को नाकाम करना होगा।
मौलाना मंजर अली आरफी ने कहा कि वक्फ संपत्तियां मुस्लिम समाज की अमानत हैं, जिन्हें बचाना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। जलसे को मौलाना अकरम नदवी, मौलाना सगीर अहमद, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली, शेख ताहिर सिद्दीकी, राष्ट्रीय मतदाता पार्टी के मुखिया शेख शेराज बाबा, मीसम रिजवी, भीम आर्मी के शैलेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया।
आरोपी नहीं गिरफ्तार हुए तो धर्मगुरु देंगे गिरफ्तारी
मौलाना कल्बे जवाद ने वक्फ संपत्ति पर कब्जे की जानकारी के बाद उसे रोकने पहुंचने पर हुए हमले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आरोपियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। घटना के दिन पुलिस आरोपियों के खिलाफ कुछ नहीं कर रही थी, बल्कि उनका व उनके पक्ष के लोगों का वीडियो बना रही थी। अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। मौलाना ने एलान किया कि पुलिस अगर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं करती तो धर्मगुरु अपनी गिरफ्तारी देंगे।
जलसे को संबाेधित करते मौलाना कल्बे जवाद।
जलसे को संबाेधित करते मौलाना कल्बे जवाद।