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'पाक, बांग्लादेश व अफगानिस्तान में जुल्म के शिकार शियाओं को भी मिले भारत की नागरिकता'

Mon, 09 Dec 2019 05:26 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का अधिवेशन। - फोटो : अमर उजाला
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ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के रविवार को हुए अधिवेशन में कई प्रदेशों से जुटे उलमा ने कहा कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में जुल्म के शिकार शिया मुसलमानों को नागरिकता संशोधन बिल के तहत भारत में नागरिकता दी जाए। शिया समुदाय की आबादी के हिसाब से संसद व विधानसभाओं में भागीदारी दी जाए। 

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अगले साल शुरू होने वाली जनगणना में शिया मुसलमानों का अलग कॉलम जोड़कर उनकी गणना की जाए ताकि उनकी सही संख्या पता चल सके और आबादी के मुताबिक सरकारी लाभ दिया जाए। साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अधिवेशन में मौलाना एजाज अतहर ने शिया मुसलमानों की समस्याओं से संबंधित प्रस्ताव रखे। 

इन पर चर्चा के बाद बोर्ड ने केंद्र व राज्यों की सरकारों से शिया समुदाय को आबादी के हिसाब से संसद व विधानसभाओं में भागीदारी देने, मानवता और हक के लिए कुर्बानी देने वाले इमाम-ए-हुसैन का नाम पाठ्यक्रम में शामिल करने, अवध के नवाबों के नाम पर लखनऊ की सड़कों का नाम रखने तथा शैक्षिक संस्थानों व नौकरियों में आरक्षण देने की मांग की। 

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हम सरकार के फैसले का विरोध नहीं करते, लेकिन पुनर्विचार जरूरी

इन प्रस्तावों को लेकर प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रधानमंत्री व गृहमंत्री से मुलाकात करेगा। इसके साथ ही बोर्ड हर प्रदेश में कमेटियां गठित कर शिया समुदाय की समस्याओं के समाधान की पहल करेगा। इससे पहले कारी नदीम नजफी ने कुरान की तिलावत से अधिवेशन का आगाज किया। 

बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने एनआरसी पर कहा कि हम सरकार के फैसले का विरोध नहीं करते हैं, लेकिन इस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में गैर मुस्लिमों के साथ ही शिया मुसलमानों पर भी जुल्म हो रहा है। इसलिए उन्हें भी नागरिकता संशोधन बिल के तहत भारत की नागरिकता प्रदान की जाए। 

ईराक के मौलाना बशीर नजफी के प्रतिनिधि मौलाना जामिन जाफरी ने बोर्ड के प्रस्तावों पर सहमति जताई। बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना साएम मेंहदी ने शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के इतिहास पर रोशनी डाली। 

दिल्ली में जल्द ही शिया महासम्मेलन का एलान

मौलाना सैफ अब्बास, मौलाना जहीर अब्बास, मौलाना रईस अहमद जाफरी, मौलाना फिरोज अब्बास, मौलाना असद यावर, मौलाना शबाब नकवी, मौलाना जकी हसन मिर्जा, मौलाना महफूजुल हसन, मौलाना जहीर अहमद इफ्तेखारी, मौलाना नकी हुसैन जाफरी, मौलाना सिब्तैन रिजवी सहित तमाम उलमा ने शिया समुदाय से आपसी टकराव खत्म कर एकजुट होने का आह्वान किया। दिल्ली में जल्द ही शिया महासम्मेलन करने का एलान किया गया।

अयोध्या मामले पर पुनर्विचार याचिका का विरोध सही नहीं
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि अयोध्या मामले को लेकर देश का मुसलमान सुप्रीम कोर्ट के फैसले के  साथ है। फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार दाखिल करने का अधिकार संविधान ने दिया है, जो पूरी तरह सांविधानिक है। अगर कोई पुनर्विचार याचिका दाखिल कर रहा है तो उसका विरोध करना सही नहीं है। 
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इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

- सुन्नी व शिया वक्फ बोर्ड का विलय न किया जाए।
- हज सब्सिडी बहाल हो
- साल 1970 तक ईरान और इराक जाने वाले तीर्थ यात्रियों को मिलने वाली किराये में सब्सिडी बहाल की जाए।
- सच्चर कमेटी की तरह कमीशन गठित कर शिया मुसलमानों की सामाजिक स्थिति को बेहतर किया जाए।

- मॉब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
- लखनऊ की चिकनकारी व जरदोजी कारोबार को इंडस्ट्री के रूप में विकसित किया जाए।

- सऊदी अरब पर दबाव बनाकर जन्नतुल बकी के रौजों के निर्माण की इजाजत दी जाए।
- शादी-विवाह में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए समुदाय को जागरूक किया जाए। 
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