पिछले दिनों अलविदा की नमाज के बाद लखनऊ में हुए बवाल और जान-माल के नुकसान के बाद सरकार के कद्दारवर मंत्री आजम खां से खफा एक बड़े मुस्लिम धर्मगुरु ने आजम को हटाने की मांग कर दी है।
शिया मौलाना कल्बे जव्वाद ने यूपी के नए गवर्नर राम नाइक से मिलकर अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री आजम खां को बर्खास्त करने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि अलविदा की नमाज के बाद निकल रहे विरोध जुलूस पर पुलिसिया बर्बरता के लिए आजम खां जिम्मेदार हैं।
कल्बे जव्वाद के मुताबिक, शिया साथी 2012 में हुए शिया वक्फ बोर्ड भ्रष्टाचार कांड के दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
गवर्नर को दिया ज्ञापन
जव्वाद ने गवर्नर राम नाइक को अपनी मांगों वाला एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने गवर्नर से इस मामले में दखल देने की अपील की और बताया कि आजम वक्फ बोर्ड में भ्रष्ट लोगों को रखने की फिराक में हैं।
उन्होंने नाइक से शिया समाज के लोगों की मांग को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तक ले जाने की मांग की और कहा कि उन्हें यह भी बताया जाए कि आजम खां की करतूतें संवैधानिक नियमों के खिलाफ हैं।
पुलिस ने शुरू किया था पथराव
अलविदा की नमाज के बाद हुए बवाल पर सफाई पेश करते हुए शिया धर्मगुरु ने कहा, 'बीते बरसों में मेरे नेतृत्व में निकले सभी जुलूस शांतिप्रिय रहे हैं। उनमें कभी हिंसा नहीं हुई है, लेकिन इस बार सादे कपड़े में जुलूस में शामिल हुए कुछ पुलिसवालों ने ही पथराव शुरू किया, जिसके नतीजतन इतना बड़ा बवाल हो गया।'
जव्वाद ने तत्काल लखनऊ के डीएम और पुलिस चीफ को हटाने की मांग भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि इनके ही इशारे पर जुलूस के साथ बर्बरता बरती गई, जिसमें एक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
शिया धर्मगुरु के आरोपों और प्रदर्शन पर सफाई देते हुए आजम खां ने कहा कि कानून को हाथ में लेने वाले के साथ सख्ती से ही पेश आया जाएगा।