फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी गुरुवार को एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने अपने वकील रिजवान और भाई शम्स नवाब सिद्दीकी को ईडी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए भेजा। लेकिन प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने उनका बयान दर्ज करने से मना कर दिया। ईडी ने उनसे 22 नवंबर को नवाजुद्दीन को ही भेजने के लिए कहा है।
नवाजुद्दीन के भाई शम्स ने ईडी दफ्तर से निकलने के बाद कहा कि हमने सभी ट्रांजेक्शन सीधे खातों के जरिए किया है। वेबवर्क की जिस कंपनी का विज्ञापन नवाज ने किया उसकी मदर कंपनी ने घोटाला किया है। शम्स ने बताया कि नवाज ने जिस प्रोडक्ट का विज्ञापन किया था, वह मार्केट में आया ही नहीं। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय को इससे जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं।
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने नोएडा में हुए 500 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लाइक घोटाला पकड़ा था। इस कंपनी का विज्ञापन करने का आरोप नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर लगा था। इस विज्ञापन के लिए उनके अकाउंट में एक करोड़ रुपये और उनके भाई की कंपनी के अकाउंट में 35 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। वहीं ईडी के सूत्रों का कहना है कि उसे एक करोड़ रुपये ही खाते में आने की जानकारी थी। अब यह रकम डेढ़ करोड़ रुपये हो गई है। इसमें एक करोड़ रुपये नवाज के खाते में आया जबकि 15 लाख रुपये बतौर सर्विस टैक्स कंपनी ने चुकाए।
वहीं 35 लाख रुपये विज्ञापन के प्रोडक्शन के लिए शम्स की कंपनी मैजिक इफ फिल्मस को दिया गया। इस कंपनी में भी नवाजुद्दीन और उनकी पत्नी दोनों डायरेक्टर हैं। सूत्रों का कहना है कि इस विज्ञापन के लिए नवाजुद्दीन की ओर से अभी तक एग्रीमेंट या कांट्रैक्ट के सुबूत अभी तक नहीं दिए गए हैं।