लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘शक्ति दूत’ की नियुक्ति की जाएगी। अलग-अलग विभागों में पढ़ने वाली छात्राएं शक्ति दूत के माध्यम से अपनी समस्याएं और शिकायतें विश्वविद्यालय प्रशासन तक सहजता से पहुंचा सकेंगी। इस संबंध में कुल सचिव भावना मिश्रा ने सभी विभागाध्यक्षों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। शक्ति दूत के रूप में उन छात्राओं का चयन किया जाएगा, जो इस भूमिका को निभाने की इच्छुक हों और आवश्यक जानकारी रखती हों।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्र समुदाय, विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय सुरक्षा प्रकोष्ठों के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण करना है, ताकि उत्पीड़न या दुर्व्यवहार की किसी भी घटना की रिपोर्ट छात्राएं बिना झिझक कर सकें। इसके साथ ही ‘चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो’ अभियान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
शक्ति दूत छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, उपलब्ध सहायता प्रणालियों और 1090 हेल्पलाइन जैसी सेवाओं की जानकारी देंगी। साथ ही समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।