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Lucknow News: संजय गांधी पीजीआई में हर बृहस्पतिवार फैटी लिवर और मोटापा क्लीनिक

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संजय गांधी पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. देवेंद्र गुप्ता, हेपे
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संजय गांधी पीजीआई में अब हर बृहस्पतिवार फैटी लिवर और मोटापा जैसी समस्याओं के लिए विशिष्ट क्लीनिक संचालित होगा। संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. देवेंद्र गुप्ता, हेपेटोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. अमित गोयल और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रो. सुभाष यादव ने बृहस्पतिवार को इसका शुभारंभ किया।
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निदेशक ने बताया कि यह विशेष ओपीडी संस्थान के एडवांस डायबिटीज सेंटर (एडीसी) के डी-ब्लॉक में हर बृहस्पतिवार को संचालित होगी। देश में तेजी से बढ़ते फैटी लिवर रोग और मोटापे की समस्या को देखते हुए इसकी शुरुआत की गई है। डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि फैटी लिवर रोग के प्रबंधन में समय पर पहचान और जल्द इलाज शुरू होना जरूरी है। यह क्लीनिक इसमें अहम साबित होगी।

हर तीसरा व्यक्ति मोटापे ओर लिवर रोग से पीड़ित
हेपेटोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. अमित गोयल ने बताया कि हर तीसरा व्यक्ति मोटापे ओर लिवर रोग से पीड़ित है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 25 फीसदी भारतीय मोटे या अधिक वजन वाले हैं। बच्चों और किशोरों में भी फैटी लिवर रोग और मोटापा बढ़ रहा है।
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वजन कम करना जरूरी
एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर सुभाष यादव ने बताया कि वसायुक्त यकृत रोग, मोटापा और मधुमेह एक दूसरे से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं। मोटापे या मधुमेह से पीड़ित आधे से अधिक लोगों को वसायुक्त यकृत रोग भी होता है। इसलिए सभी मोटे व्यक्तियों या मधुमेह रोगियों की फैटी लिवर की जांच की जानी चाहिए। ये दोनों स्वास्थ्य समस्याएं मुख्य रूप से अधिक कैलोरी युक्त और वसायुक्त भोजन के बढ़ते सेवन के कारण हो रही हैं। फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट की कमी होती है। शारीरिक गतिविधियों में कमी और निष्क्रिय जीवनशैली भी इसके लिए जिम्मेदार कारक हैं। वजन कम करना, मोटापे और फैटी लिवर रोग के प्रबंधन की कुंजी है। नियमित व्यायाम और आहार में बदलाव के साथ-साथ दवाओं के सहयोग से वजन कम किया जा सकता है। हाल ही में, वजन कम करने के लिए कई नई दवाओं को मंजूरी दी गई है, जो इन रोगियों के लिए नई उम्मीद जगा सकती हैं।
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