यूपी में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) के मरीजों के इलाज में एम्फोटेरिसीन-बी इंजेक्शन के अलावा इसावुकोनाजोल व पोसकोनाजोल दवाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। इन दो नई दवाओं से इलाज के लिए एसजीपीजीआई के विशेषज्ञों की टीम ने सलाह दी है। पीजीआई के निदेशक डॉ. आरके धीमान की अध्यक्षता में गठित कमेटी की सिफारिश के बाद मुख्यमंत्री ने इन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम कोरोना संक्रमित मरीजों, पोस्ट कोविड मरीजों और ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के नए प्रोटोकॉल की सलाह सरकार को दे रही है। ब्लैक फंगस के इलाज के लिए जरूरी एम्फोटेरिसीन-बी इंजेक्शन की कमी लगातार प्रदेश में बनी हुई थी। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नई दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पीजीआई में बनाई गई 12 सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम नोडल ऑफिसर डॉ. अमित केसरी के नेतृत्व में नए प्रोटाकाल और गाइडलाइन के अनुसार इलाज करने के लिए सलाह दे रही है। वर्तमान में प्रदेश में ब्लैक फंगस के लगभग 1500 मरीज हैं। इससे बचाव और इलाज के लिए प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को गाइडलाइन जारी कर दी है।