शहर की करीब पांच लाख आबादी को सीवर की समस्या से छुटकारा मिलेगा। इसके लिए जोन-5 में आने वाले उन वार्डों में सीवर लाइन बिछाई जाएगी जहां अब तक यह नहीं है।
इस काम में करीब 283 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह सारा काम जेएनएनयूआरएम (जवाहर लाल नेहरू अरबन रिन्युवल मिशन) के सेकंड फेज में होगा।
इसके लिए प्रदेश सरकार की सहमति के बाद योजना की डीपीआर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
उससे पहले यह डीपीआर मंजूरी के लिए नगर निगम सदन में रखी जाएगी। इसके लिए स्थानीय निकाय निदेशक की ओर से नगर निगम को पत्र भेजा गया है।
जेएनएनयूआरएम प्रथम चरण में इंदिरा नगर, अलीगंज, हरदोई रोड, ठाकुरगंज, त्रिवेणी नगर, फैजुल्लागंज व जानकीपुरम सहित कई इलाकों में सीवर लाइन बिछाने का काम हुआ।
इसके लिए करीब 7 साल पहले 7951.17 करोड़ रुपये लागत की तीन परियोजनाएं स्वीकृत हुईं थीं। इसमें कुल 1174 किमी सीवर लाइन बिछाई जा रही हैं। इन योजनाओं में एक पूरी हो चुकी है और दो का काम मार्च तक पूरा किया जाना है।
इस समय योजना के तहत बिछाई गई सीवर लाइन को कनेक्ट करने का काम चल रहा है।पहले चरण की योजना में शहर के तमाम इलाके तो शामिल हो गए थे लेकिन जोन-5 का इलाका इससे अछूता रह गया था।
इस जोन में की उन कॉलोनियों में तो सीवर लाइन है जो एलडीए ने बसाई हैं लेकिन पुराने मोहल्लों में सीवर लाइन नहीं है।
इन इलाकों को होगा लाभ
आनंद नगर, आलमबाग, रामनगर, चंदर नगर, आजाद नगर, गीतापल्ली, सरदार पटेल नगर, ओम नगर, टेढ़ी पुलिया, श्रंगार नगर, केसरी खेड़ा, चित्रगुप्त नगर व इको गार्डन के आसपास।