दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है। यही हाल स्मारक संरक्षण समिति का भी है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर जब गत 14 अप्रैल को सामाजिक परिवर्तन स्थल में बिना इजाजत बसपा की सभा हुई थी, तब समिति के कई कर्मियों पर गाज गिरी थी। उसके बाद से अब माहौल बदल गया है।
डॉ. अंबेडकर की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को गोमतीनगर के परिवर्तन स्थल का जायजा लेने पहुंचे बसपा नेताओं में से अधिकांश की गाड़ियों को गेट के बाहर ही रोक दिया गया।
रामअचल राजभर भी रोके गए
प्रोटोकॉल के तहत विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ही कार से भीतर के पार्किंग स्थल तक जा सके। जबकि, कार सहित रोके जाने वालों में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर भी शामिल रहे।
पिछली बार बसपा की ओर से सामाजिक परिवर्तन स्थल के भीतर रैली का आयोजन कर दिया गया था। जबकि, इजाजत परिवर्तन स्थल के बाहर मेले की थी।
इसके बाद जांच व कार्रवाई की जद में स्मारक संरक्षण समिति के अधिकारी आए। डॉ. अंबेडकर की पुण्यतिथि शुक्रवार को है।
इसके लिए यहां स्वामी प्रसाद, नसीमुद्दीन व रामअचल सहित कई बसपा नेता गुरुवार शाम को परिवर्तन स्थल पहुंचे। सभी अपनी गाड़ियां लेकर अंदर जाना चाहते थे, लेकिन गार्डों ने केवल मौर्य व सिद्दीकी को अंदर जाने दिया।
पैदल जाना पड़ा अंदर
रामअचल सहित बाकी नेता पैदल अंदर गए। स्मारक के एक अधिकारी ने बताया कि, शुक्रवार को यहां केवल नसीमुद्दीन व स्वामी प्रसाद के आने और डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण की जानकारी दी गई है। इसके अलावा यहां किसी तरह की सभा की अनुमति नहीं दी जाएगी और न ही कोई गाड़ी ही अंदर आएगी।