मेट्रो रेल परियोजना के शुरुआती कामों के लिए 70 करोड़ रुपये जल्द ही मिलेंगे। यह रकम लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद और उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम मिलकर देंगे।
शासन ने इन संस्थाओं को रकम देने के लिए कहा है। संस्थाओं को कुल 350 करोड़ रुपये दिए जाने हैं।
इनमें से वित्तीय वर्ष-2013-14 में पहली किस्त के तौर पर ये 70 करोड़ रुपये लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन का गठन होते ही उसके अकाउंट में डालने का निर्देश दिया गया है।
मेट्रो परियोजना के पहले चरण पर करीब 6500 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसमें 350 करोड़ एलडीए, परिषद और यूपीएसआईडीसी को देने है।
ऋण और केंद्रीय मदद के हिस्से की करीब 80 फीसदी रकम मिलने में करीब एक साल लगेगा। इस बीच मेट्रो का काफी काम निपटाना होगा।
वैसे भी एलडीए के 200, आवास विकास परिषद के 100 और यूपीएसआईडीसी के 100 करोड़ रुपये के जरिए एक तिहाई काम तो बन जाएगा।
बाकी 75 फीसदी रकम सरकार को अपने संसाधनों से जुटानी होगी। यह धन एफएआर और प्रॉपर्टी डवलपमेंट के जरिए भी मेट्रो के लिए जुटाई जा सकती है।
पहले वित्तीय वर्ष में 20 प्रतिशत धनराशि जो कि 70 करोड़ रुपये है, वह तीनों एजेंसियों को मिल कर देने होगी। इस संबंध में संयुक्त सचिव शासन शिवजनम चौधरी की ओर से तीनों एजेंसियों को शासन के फैसले से अवगत करा दिया गया है।
इनमें पहले वित्तीय वर्ष के लिए आवास विकास परिषद को 40 करोड़, लखनऊ विकास प्राधिकरण को 20 करोड़ और यूपीएसआईडीसी को 10 करोड़ रुपये देने होंगे।
इस 70 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एलएमआरसी बनने के बाद उसके शुरुआती कामों में किया जाएगा।
मेट्रो डिपो का भूमि हस्तांतरण अगली कैबिनेट में
32 वीं वाहिनी पीएसी की 52 एकड़ भूमि का हस्तांतरण अगली कैबिनेट मीटिंग में कर दिया जाएगा।
इस भूमि के एलएमआरसी को हस्तांतरित होने के बाद यहां डिपो निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
मेट्रो सेल के अधिकारियों के मुताबिक, इस हस्तांतरण के लिए कैबिनेट नोट बना लिया गया है। कानपुर रोड स्थित 32वीं वाहिनी पीएसी में मेट्रो के मदर डिपो बनाया जाएगा।
भविष्य में कानून व्यवस्था की बढ़ती हुई आवश्यकताओं के लिए पीएसी वाहिनी का विस्तार गांव मोहारी खुर्द, मोहनलालगंज में किया जाएगा।
वहां ग्राम समाज की भूमि को पुनर्गृहीत करने पर विचार करने के लिए यूपी कैबिनेट का अनुमोदन लिया जाना है।
एक अधिकारी ने बताया कि इस आशय का कैबिनेट नोट बना लिया गया है। अगली कैबिनेट मीटिंग में यह फैसला हो जाएगा।