लखनऊ। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी साहिल को दोषी ठहराकर एडीजे विनय कुमार सिंह ने सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है। उन्होंने सात हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया कि वादिनी ने कैंट थाने में 24 अगस्त 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक वादिनी की चार बेटियां एक ही स्कूल में पढ़ती हैं। उसकी तीन बेटियां स्कूल से लौट आईं, लेकिन 13 वर्ष की बेटी वापस नहीं आई। पूछताछ पर बड़ी बेटी ने बताया कि स्कूल में आरोपी साहिल मिला था। उसने बताया कि नाबालिग की तबीयत खराब है। आरोपी ने यह भी कहा कि तुम्हारी मम्मी ने उससे बोला है कि नाबालिग को दवा दिलवा दे। इसके बाद वह नाबालिग को लेकर चला गया। इस पर वादिनी आरोपी के घर गई, जहां उसके घरवालों ने बताया कि साहिल नाबालिग को ले गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर साहिल, उसके भाई शिव कुमार, पिता रमेश कुमार, माता कमला देवी और बहन रेनू के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। साहिल मामले की सुनवाई के दौरान फरार चल रहा था। आरोपी के पकड़ में आने के बाद कोर्ट ने मंगलवार को सजा सुनाई।