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बच्ची को घर में बंधक बनाकर जुल्म ढा रही थी मालकिन, गड़बड़ी या काम में देरी पर देती थी ये सजा

न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 22 May 2019 04:40 PM IST
मासूम के शरीर पर मिले जलाए के निशान - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के जानकीपुरम इलाके में एक महिला सीतापुर की सात साल की बच्ची को घर में बंधक बनाकर घरेलू काम करवा रही थी। काम में देरी या गड़बड़ी होने पर वह उस पर जुल्म ढाती। मासूम के शरीर पर जलाए जाने के निशान मिले हैं।

एक साल से बच्ची की मां उसके लिए तरस रही थी। सीतापुर से सोमवार को आई बंधक बनी बच्ची की मां ने सोसाइटी के लोगों को इसकी जानकारी दी। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने मासूम को महिला के चंगुल से छुड़ाया और मां को सौंपा।

सूचना मिलने पर आशा ज्योति केंद्र की टीम मंगलवार को आरोपी महिला के घर पहुंची। केस रिपोर्ट तैयार हो गई है।बच्ची और उसकी मां ने बाल कल्याण समिति के सामने पेश होकर केस दर्ज कराने की बात कही है। वहीं केंद्र प्रभारी का कहना है कि बुधवार को बच्ची का मेडिकल होगा और मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

आशा ज्योति केंद्र की मनोवैज्ञानिक श्वेता अहिरवार व चाइल्ड लाइन टीम की सदस्य कृष्णा शर्मा ने जानकारी दी कि एक व्यक्ति ने आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र की प्रशासनिक अधिकारी अर्चना सिंह को जानकीपुरम के सहारा ग्रेस अपार्टमेंट में एक महिला द्वारा घर में सात-आठ साल की बच्ची को बंधक बनाए जाने की सूचना दी थी।
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महिला के बेटे पर भी प्रताड़ना का आरोप

शरीर पर जलाए के निशान - फोटो : अमर उजाला
सोसाइटी की प्रमुख मेनका, सचिव डैनी व अन्य लोगों की मदद से बच्ची को उसकी मां को सौंप दिया गया था। सोसाइटी के लोगों ने बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कराते हुए तहकीकात की। बच्ची ने जुल्म की जानकारी दी। शरीर पर जलाए जाने के निशान दिखाए।

महिला के बेटे पर भी प्रताड़ना का आरोप लगाया। मंगलवार को पीड़ित महिला बच्ची के साथ बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश हुई। उसने आरोप लगाया कि महिला उसे बेटी नहीं लौटा रही और साल भर से मिलने तक नहीं दिया। वहीं आरोपी महिला का कहना है कि बच्ची की बड़ी बहन उनके घर पर चौका-बर्तन करती है।

बच्ची को भी अपने घर में रख लिया था। उसका नया नाम रखा और परवरिश करने लगी। बच्ची मां के पास नहीं जाना चाहती थी।  महिला ने टीम को बताया कि वह पहले भी सात बालिकाओं को घर पर रख चुकी है। उन्हें शिक्षा दिलाकर शादी करवाई है।

डॉक्टरी मुआयना के बाद होगा केस

डेमो
रेस्क्यू टीम को कोतवाल ने टरकाया
आशा ज्योति केंद्र की टीम बच्ची के रेस्क्यू के संबंध में बाल कल्याण समिति का आदेश लेकर जानकीपुरम थाने पहुंची। प्रभारी निरीक्षक ने इसकी रिसीविंग लेने से इनकार करते हुए कहा कि बच्ची को रेस्क्यू कर लेकर आने पर आदेश रिसीव करेंगे।

आशा ज्योति केंद्र की प्रबंधक अर्चना सिंह ने बताया कि बच्ची बुरी तरह सहमी थी। मनोवैज्ञानिक ने उसकी स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। बच्ची की मां ने कानूनी कार्रवाई की बात कही है। इस पर बुधवार को बच्ची का डॉक्टरी मुआयना कराकर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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