नौकरशाह काम में रोड़े अटकाने के लिए जाने-जाते हैं। खराब सिस्टम का जिम्मेदार उन्हें ही माना जाता है, लेकिन कई बार वो खुद भी इसी सिस्टम का शिकार हो जाते हैं।
ऐसा ही एक मामला ये है जब पीसीएस से आईएएस बनने का हक होने के बावजूद समय से पदोन्नति न होने की वजह से बतौर पीसीएस अफसर रिटायर हुए सात अधिकारी अब आईएएस माने जाएंगे।
केंद्र सरकार ने संबंधित वर्ष की सेलेक्ट लिस्ट में उनकी वरिष्ठता तय कर उन्हें बतौर आईएएस काल्पनिक पदोन्नति देने का आदेश जारी कर दिया है।
बताते चलें वर्ष 2012 में संघ लोक सेवा आयोग ने पीसीएस से आईएएस की पदोन्नति पर मुहर लगाते हुए सेलेक्ट लिस्ट 2004 और 2006 मंजूरी की थी। इसमें सात अफसर शामिल थे, जिनकी पोजीशन भी तय कर दी गई थी, लेकिन पदोन्नति आदेश जारी होने से पहले ही वे सभी रिटायर हो गए और इन्हें आईएएस अधिकारी के रूप में नियुक्त नहीं किया गया। यह मामला कैट से सुप्रीम कोर्ट तक गया।
अब केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए इन अफसरों को संबंधित सेलेक्ट लिस्ट में आईएएस नियुक्त मानते हुए आदेश जारी कर इनकी वरिष्ठता भी तय कर दी है।