सपा ने बागी विधायक विजय मिश्र की पत्नी और एमएलसी रामलली मिश्र, उनके बेटे और ज्ञानपुर (भदोही) के ब्लॉक प्रमुख समेत सात नेताओं को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
हैरत की बात यह है कि विजय के खिलाफ अब तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि पार्टी का कहना है कि जल्दी ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
सपा ने इस बार ज्ञानपुर से अपने मौजूदा विधायक विजय मिश्र का टिकट काटकर रामरति बिंद को प्रत्याशी बनाया है। इससे विजय ने बागी तेवर अपना लिए और निषाद पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर पर्चा दाखिल कर दिया।
'इन्हें पार्टी से निकाला गया'
सपा प्रवक्ता और एमएलसी अरविंद सिंह ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थानीय निकाय मिर्जापुर से एमएलसी और बागी विधायक की पत्नी रामलली मिश्र, उनके बेटे व ज्ञानपुर के ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्र के साथ ही उनकी मदद कर रहीं भदोही की जिला पंचायत अध्यक्ष काजल यादव, डीघ की ब्लॉक प्रमुख नीता स्वर्णकार, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रानी सोनकर, सपा के जिला महासचिव राजितरात यादव और ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष कल्लूराम यादव को पार्टी से निकालने की घोषणा की।
विजय को अब तक पार्टी से न निकालने के सवाल पर अरविंद ने कहा कि पूरा मामला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के संज्ञान में लाया जाएगा। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होना तय है।
भदोही की जिला कार्यकारिणी भंग
सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने बताया कि पार्टी की भदोही जिला कार्यकारिणी भी भंग कर दी गई है। हालांकि, आरिफ सिद्दीकी वहां के जिलाध्यक्ष बने रहेंगे।
बेहतर बूथ प्रबंधन के लिए जिलाध्यक्ष आरिफ सिद्दीकी और संयोजक ओम प्रकाश यादव के नेतृत्व में 16 सदस्यों की चुनाव संचालन समिति बना दी है।