प्रभारी निरीक्षक विकासनगर रामकुमार यादव के मुताबिक यह गिरोह जिलों में अपने एजेंटों के जरिये बेरोजगारों से संपर्क कर उन्हें नौकरी का झांसा देता था। आवेदन पत्र दाखिल करने से लेकर नियुक्ति व चिकित्सकीय परीक्षण का ठेका लिया जाता था।
शातिरों को जब ये लगता कि अब शिकार से और ज्यादा वसूली नहीं की जा सकती चिकित्सकीय परीक्षण का नया चारा फेंकते। सबको बादशाहनगर रेलवे स्टेशन पर बुलाते थे। स्टेशन परिसर में पेड़ के नीचे चिकित्सकीय परीक्षण होता। किसी को शक न हो इसलिए कुछ रेलवे के चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों जैसा ड्रेस पहनते। अंगुली में पिन चुभोकर खून का नमूना लेने का नाटक करते। कुछ देर बाद उन्हें बुलाकर फर्जी चिकित्सकीय प्रमाण पत्र दे देते।
बार कोड लगा नियुक्ति पत्र देते ताकि किसी को शक न हो
अपर पुलिस अधीक्षक ट्रांसगोमती अमित कुमार के मुताबिक गिरोह जो नियुक्ति पत्र जारी करता, उस पर बार कोड लगा होता। उसे स्कैन करने पर जिस युवक या युवती के नाम से नियुक्ति पत्र जारी है उसका ब्योरा कंप्यूटर में आ जाता। ऐसे में फर्जी नियुक्ति पत्र होने का संदेह नहीं होता।
पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
जालसाजों पर शिकंजा कसने के लखनऊ पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 7839861314 जारी किया है। सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी के शिकार हुए युवक इस नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते है।