प्रधानमंत्री की उपस्थिति में देश के ख्याति प्राप्त नौ प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, सुभाष चंद्रा, कुमार मंगलम बिड़ला, आनंद महिंद्रा, बाबा रामदेव, पंकज पटेल, शोभना कामिनेनी, रशेश शाह तथा एन. चंद्रशेखरन अपने निवेश प्लान के बारे में विचार रखेंगे। मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ उद्घाटन सत्र में खास तौर से विचार रखेंगे।
पीएम देंगे निवेश मित्र-सिंगल विंडो सिस्टम की सौगात
प्रधानमंत्री इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों को निवेश मित्र-सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम की सौगात देंगे। इसमें रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, अनापत्ति व स्वीकृतियों के आवेदन से लेकर स्वीकृतियां जारी करने तक की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन होगी। इससे निवेशकों को सरकारी दफ्तरों और अफसरों का चक्कर लगाने से छुट्टी मिल जाएगी।
4 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की संभावना
समिट में चार लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश के एमओयू किए जाने की संभावना है। विभागों के मंत्री व अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। अतिरिक्त ऊर्जा क्षेत्र में 63 हजार करोड़ के 46 एमओयू, हेल्थ केयर व फार्मा सेक्टर में 6362 करोड़ के 27 निवेश प्रस्ताव, पर्यटन क्षेत्र में निवेश के 23 प्रस्ताव से करीब 10 हजार करोड़ के निवेश व आवास विकास परिषद में 1500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आ रहे हैं। अन्य विभागों ने एमओयू की तैयारी की है।
राष्ट्रपति कल करेंगे समिट का समापन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बृहस्पतिवार शाम 4.30 बजे समिट का समापन करेंगे। समापन सत्र को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली खास तौर से संबोधित करेंगे। इस सत्र को राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी संबोधित करेंगे। मुख्य सचिव राजीव कुमार धन्यवाद देंगे।
सत्र--मंत्री
औद्योगिक विकास नीति-- केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु व प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना
अवस्थापना विकास--केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और सतीश महाना।
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग--केंद्रीय लघु उद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह व प्रदेश के लघु उद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी।
यूपी में इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर का विकास--केंद्रीय संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा और प्रदेश के आईटी राज्यमंत्री मोहसिन रजा।
कृषि खाद्य प्रसंस्करण एवं डेयरी उद्योग--केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल तथा प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही
अक्षय ऊर्जा की असीमित संभावनाएं--केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजकुमार सिंह तथा प्रदेश के वैकल्पिक ऊर्जा मंत्री ब्रजेश पाठक।
हथकरघा व वस्त्रोद्योग--केंद्रीय वस्त्रोद्योग मंत्री स्मृति ईरानी तथा प्रदेश के वस्त्रोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी।
फ ार्मास्युटिकल व बायोटेक्नोलॉजी--केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल तथा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह।
प्रदेश का पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत--केंद्रीय पर्यटन सचिव रश्मि वर्मा व प्रदेश की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी।
पर्यावरण एवं उद्योग सत्र--केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा तथा प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान।
औद्योगिक व आधारभूत ढांचा सुरक्षा--केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
कल के सत्र और मंत्रियों की उपस्थिति
आईटी सेक्टर--केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद तथा प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा।
सभी के लिए बैंक--केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल।
चर्म व जूता उद्योग--केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सीआर चैधरी तथा प्रदेश के लघु उद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी।
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग--केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
कौशल विकास सत्र--केंद्रीय कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा मंत्री चेतन चैहान।
कौशल विकास स्टार्टअप--केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा।
नागरिक उड्डयन--केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री पुष्पपति अशोक गजपति राजू व प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी।
एनआरआई सत्र--केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह (से.नि.) तथा प्रदेश की एनआरआई राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह।
मीडिया तथा मनोरंजन--सांसद सुभाष चंद्रा तथा प्रदेश के सूचना राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी।
यूपी के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना का कहना है कि यूपी इन्वेस्टर्स समिट के सफ ल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निवेशकों का आना शुरू हो गया है। यह एक ऐतिहासिक समिट है, जिसकी सराहना देश और प्रदेश के ख्यातिप्राप्त उद्योगपतियों ने की है। उद्योगपति इस समिट में आने के लिए स्वयं उत्सुक हैं।