प्रदेश सरकार दूसरी भाषाओं की उन फिल्मों को भी अनुदान देगी जिनकी शूटिंग यूपी में की जाएगी। इसके अलावा कोई प्रवासी भारतीय प्रदेश में फिल्म का निर्माण करता है तो उसे भी फिल्म नीति के तहत अनुदान दिया जाएगा। प्रदेश की नई फिल्म नीति में इसका प्रावधान किया गया है। नई फिल्म नीति को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है।
योगी सरकार ने पूर्ववर्ती सपा सरकार की बनाई फिल्म नीति के ज्यादातर प्रावधानों को यथावत रखते हुए नई नीति में कुछ और सहूलियतें देने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार यूपी में फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए यहां बनने वाली फिल्मों को टैक्स फ्री करने के साथ कुछ अन्य करों में भी छूट देने का भी प्रावधान किया गया है। फिल्म बंधु के निदेशक व प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया कि अब दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं में बनने वाली उन फिल्मों को भी राज्य सरकार अनुदान देगी जिनकी शूटिंग प्रदेश में की जाएगी। इसके अलावा अगर कोई प्रवासी भारतीय यूपी में फिल्म का निर्माण करता है तो उसे भी नई नीति के तहत अनुदान और सुविधाएं दी जाएंगी।
परिवहन विभाग में कर निर्धारण से जुडे़ कर्मियों को समय से प्रोन्नति देने के लिए कैबिनेट ने नियमावली को मंजूरी दे दी है। अब तक कर निरीक्षकों को प्रोन्नति के लिए कोई नियमावली नहीं थी। सरकार द्वारा 2011 में जारी शासनादेश के आधार पर ही कर निरीक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं का निस्तारण होता था। अब सरकार ने उसी शासनादेश को नियमावली के रूप में परिवर्तित कर दिया है। अब इसी नियमावली के मुताबिक सेवा संबंधी मामलों का निस्तारण होगा।
गेहूं भंडारण के लिए पीपीपी मॉडल पर बनेंगे स्टील साइलो
लखनऊ। राज्य सरकार ने गेहूं के रख-रखाव के लिए पीपीपी मॉडल पर स्टील साइलो (बखारी) बनाने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार संबंधित कंपनी को किराया देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से पेश हुए प्रस्ताव में विभाग का दावा है कि इससे गेहूं अधिक दिनों तक सुरक्षित रहेगा। हालांकि केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रदेश में नौ स्टील साइलो बनाने का फैसला पूर्व में भी हो चुका है। यह काम देश के एक बड़े उद्यमी को दिया गया है।
केबल नेटवर्क के जरिए मनोरंजक कार्यक्रमों के प्रसारण और गांवों में वीडियो हॉल चलाने के लिए लाइसेंस अब ऑनलाइन मिलेगा। इससे संबंधित नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। सरकार के इस फैसले से शहरों के साथ ही ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग भी मनोरंजक कार्यक्रमों का लुत्फ उठा सकेंगे।
इसके साथ ही केबल ऑपरेटरों को बड़ी राहत देते हुए उनसे प्रतिमाह 2400 रुपये शुल्क के स्थान पर अब 5000 रुपये वार्षिक शुल्क लेने का फैसला किया गया है।
जमीन खरीदनें पर स्टांप में छूट सहित कई सहूलियतें
यूपी सरकार ने इन्वेस्टर्स समिट से पहले निवेशकों को दोहरी सौगात दी है। वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक हब में निवेश पर अब उद्यमियों को नई औद्योगिक नीति के अनुसार जमीन खरीदने पर स्टांप ड्यूटी में छूट, ऋण लेने पर कैपिटल इंट्रेस्ट की सब्सिडी जैसी तमाम सुविधाएं दी जाएंगी। लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने पर गुजरात की तरह प्रोत्साहन देने का फैसला भी किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट ने इसमें वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक हब नीति को मंजूरी दे दी। इसके अंतर्गत निवेशकों को लॉजिस्टिक हब, लॉजिस्टक पार्क, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, साइलोज, इनलैंड कंटेनर डिपो आदि बनाने पर तमाम तरह की सुविधाएं मिलेंगी। केंद्र सरकार द्वारा तय इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेटस की शर्तें पूरी करने वाली इकाइयों को प्रदेश में भी उद्योग का दर्जा मिलेगा। भूमि आवंटन की पात्रता, दरें व शर्तें संबंधित प्राधिकरण तय करेंगे।
विकास प्राधिकरण भंडारण व रसद इकाइयों के निर्माण पर 60 प्रतिशत तक भूमि कवरेज की अनुमति देंगे। ऐसी इकाइयों से प्राधिकरण तभी विकास शुल्क वसूल सकेंगे, जब वे प्राधिकरण स्तर से सृजित सुविधाओं का उपयोग करेंगी। बताते चलें, अडानी समूह समेत कई औद्योगिक घरानों ने यूपी में लॉजिस्टिक हब विकसित करने में रुचि दिखाई है।
सरकार ने 15 जिलों में जमीन चिह्नित कर वेयरहाउस जोन डवलप करने की योजना बनाई है। इसके अलावा इनलैंड कंटेनर डिपो भी डवलप कराए जाएंगे। सरकार ने दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे-1 (इलाहाबाद-हल्दिया), बुंदेलखंड में एनएच-44 पर लॉजिस्टिक हब डवलप कराने के लिए जगह चिह्नित की है। भाऊपुर इंडस्ट्रियल एरिया के पास तथा मुगलसराय-वाराणसी-मिर्जापुर इन्वेस्टमेंट जोन के नजदीक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के आसपास के क्षेत्र में आजमगढ़ में 3000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लॉजिस्टिक हब बन सकता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 44 से सटे 5567 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित झांसी राष्ट्रीय निवेश क्षेत्र में भी इस हब की संभावनाएं है। यूपी में इस समय 71.84 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाले करीब 174 वेयरहाउस हैं। लॉजिस्टिक सेक्टर के निवेशक वेयर हाउसिंग, ई-कॉमर्स हब, रियल टाइम लॉजिस्टिक व डिजिटलीकरण, रोबोटिक्स आदि क्षेत्र में निवेश कर सकते हैं। सरकार 1000 एकड़ से अधिक जमीन पर विकसित होने वाले लॉजिस्टिक पार्कों को नई औद्योगिक निवेश व रोजगार प्रोत्साहन नीति के तहत सुविधाएं देंगी। इन्हें ब्याज प्रतिपूर्ति, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से छूट, ईपीएफ प्रतिपूर्ति की सुविधा, परिवहन वाहनों की खरीद पर प्रोत्साहन मिलेगा।
पश्चिमांचल में निवेश पर मध्यांचल की तरह सुविधाएं
नई औद्योगिक नीति में पश्चिमांचल में इंडस्ट्रियल पार्क आदि विकसित करने पर किसी छूट की व्यवस्था नहीं थी। सूत्रों के अनुसार कैबिनेट ने पश्चिमांचल क्षेत्र में इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना पर मध्यांचल की तरह छूट देने का फैसला किया है। पूर्वांचल व बुंदेलखंड को पहले से ही एक समान सहूलियतें मिलने की व्यवस्था है।