लखनऊ। ऋषि सेवा समिति की ओर से चिनहट के मटियारी स्थित होटल में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथावाचक राघव ऋषि ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा पूजा करने के समान है। सौरभ ऋषि ने खूबसूरत भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा के तीसरे दिन का शुभारंभ सति चरित्र के प्रसंग से हुआ। इसके बाद प्रहलाद की भक्ति का गुणगान हुआ। कथावाचक राघव ऋषि ने कहा कि हिरण्यकश्यप को अपने बल पर बहुत अहंकार था, लेकिन प्रहलाद की भक्ति के आगे उसकी हार हुई। अहंकार व्यक्ति को पतन की ओर ले जाता है। सच्चे मन से पूजा करने वालों की भगवान हमेशा सुनते हैं, लेकिन इसके साथ अच्छे कर्मों का होना भी जरूरी है। रावण भोलेनाथ का बहुत बड़ा भक्त था, लेकिन उसके कार्य अच्छे नहीं थे। समिति के कुलदीप मिश्र, राधाकृष्ण यादव, उदयभान चौबे, अविनाश टिक्का, दीप अरोड़ा, आनंद सैनी, विवेकानंद पांडेय, सच्चिदानंद पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।