लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाने की हवालात में चोरी के आरोपी उमेश की मौत के मामले में पुलिस ने रिटायर्ड डीआईजी उमाशंकर जायसवाल के नौकर राजकुमार को सोमवार शाम गिरफ्तार कर लिया। राजकुमार के खिलाफ उमेश के भाई रामलाल ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
मामले की विवेचना कर रहे विभूतिखंड इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ला ने बताया कि जांच में रामलाल के भाई अमित और मोहित की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस जल्द दोनों को गिरफ्तार कर सकती है। इसके अलावा रामलाल की तरफ से दर्ज मुकदमे में एससी-एसटी एक्ट भी शामिल कर लिया गया है।
विवेचक ने बताया कि राजकुमार को कैंट के सदर बाजार से पकड़ा गया। उसने पूछताछ में उमेश के साथ मारपीट की बात कुबूल की है। मारपीट में रिटायर्ड डीआईजी शामिल थे या नहीं? यह पूछने पर वह इधर-उधर बरगलाता रहा। पुलिस रिटायर्ड डीआईजी उमाशंकर जायसवाल की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जल्द उनसे पूछताछ की जा सकती है। विवेचक ने बताया कि राजकुमार के अलावा उसके दोनों भाई मोहित और अमित ने भी उमेश को पीटा था। तीनों मिलकर करीब तीन घंटे तक उमेश को बंधक बनाकर पीटते रहे थे। राजकुमार से सूचना पाकर आधी रात मौके पर पहुंचे रिटायर्ड डीआईजी ने भी उसकी पिटाई की थी। बाद में उमेश को गोमतीनगर विस्तार थाना की पुलिस के सुपुर्द किया गया जहां हवालात में उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।