कोरोना से मरने वालों के लिए शहर में अलग श्मशान स्थल बनाया जाएगा। इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है और अयोध्या रोड के एक गांव का नाम भी लगभग तय है। कोरोना मरीजों की मौत के बाद उनके शव दफनाने को लेकर राजधानी सहित अन्य जगह में हो रहे विवाद को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
बीते माह कोरोना संक्रमित बुजुर्ग की मौत के बाद ऐशबाग कब्रिस्तान में उसका शव दफनाने पर स्थानीय लोगों ने बवाल किया था। इसके चलते पुलिस और प्रशासन के अफसरों को परेशानी उठानी पड़ी थी।
मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की थी। वहीं, कई अन्य शहरों में भी कोरोना मरीजों की मौत के बाद उनके शव दफनाने को लेकर विरोध और बवाल की खबरें आ चुकी हैं। इसे देखते हुए अब नगर निगम ने राजधानी में कोरोना मरीजों के शव दफनाने को अलग श्मशान स्थल बनाने की तैयारी की है।
उत्तरधौना गांव का नाम प्रस्ताव
कोरोना संक्रमितों के शव दफनाने को अभी अयोध्या रोड स्थित उत्तरधौना गांव का नाम प्रस्तावित है। यह सीमा विस्तार के बाद नगर निगम में आए 88 नए गांवों में शामिल हैं। जो नए गांव नगर निगम सीमा में शामिल हुए हैं, उनका गजट नोटिफिकेशन भी सरकार जारी कर चुकी है, लेकिन गांवों की जमीन से जुड़ा राजस्व रिकॉर्ड जिला प्रशासन के पास है। ये अभी नगर निगम को नहीं मिले हैं।