आरोप है कि इसी केस से संबंधित दो अधिवक्ता शावेद और यूनुस आए और जमानतदारों के वेरिफिकेशन हाथों हाथ मांगने लगे। मना करने पर आरोपियों ने अभद्रता की। आरोप है कि उन्हें गालियां व जान से मारने की धमकी देते हुए दोनों ने उनकी पिटाई कर दी। नितिन ने वीडियो बनाने की कोशिश की तो आरोपी दोबारा हमलावर हो गए और कुछ फाइलें भी फाड़ दीं। पीड़ित कुछ देर बाद सरकारी काम से पुराने हाईकोर्ट बिल्डिंग में गया तो उसे अंजान नंबर से फोन आने लगे। अनहोनी की आशंका पर वह जिला जज के विश्राम कक्ष में गए, जहां अधिवक्ता अजर मिर्जा, यूनुस, शावेद व आ गए और गाली-गलौज करने लगे। पीड़ित वहां से जिला जज के चैंबर में चला गया और उन्हें पूरी जानकारी दी। आरोपी वहां भी पहुंच गए और सरकारी कार्य में बाधा डाली। इंस्पेक्टर वजीरगंज का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।