चुनावी हिंसा में गंभीर रूप से घायल सुरक्षा कर्मियों के त्वरित इलाज के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की जा रही है। यह एयर एंबुलेंस दुर्गम इलाकों में बने मतदान केंद्रों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को मेडिकल इमरजेंसी के समय मदद करेगी।
घायल सुरक्षा कर्मियों को एयर एंबुलेंस के जरिये समय पर किसी अच्छे अस्पताल में पहुंचाया जाएगा। आईजी एसटीएफ राम कुमार ने बताया कि पूर्व के अनुभवों में यह पाया गया है कि दूरस्थ क्षेत्रों में बने पोलिंग स्टेशनों में कुछ न कुछ चुनावी हिंसा जरूर होती है और सुरक्षा में तैनात कर्मी घायल हो जाते हैं। इन्हें तत्काल चिकित्सीय मदद की जरूरत होती है। समय पर इलाज न मिलने के कारण इनकी जान को खतरा बढ़ जाता है।
इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने प्रदेश सरकार को चुनाव में एयर एंबुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। एयर एंबुलेंस के साथ डॉक्टर, जीवन रक्षक दवाएं, पैरामेडिकल स्टाफ आदि की व्यवस्था की जा रही है। इसके संचालन में आने वाला पूरा खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी।
दिल्ली व वाराणसी में रहेगी एयर एंबुलेंस
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चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने पश्चिम यूपी के चुनाव के लिए दिल्ली में एक एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की है। दूसरी एंबुलेंस वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे पर खड़ी रहेगी।
वाराणसी की एंबुलेंस मध्य व पूर्वी उप्र के चुनाव में होने वाली हिंसा में घायल सुरक्षा कर्मियों को अस्पताल ले जाएगी। इसके लिए डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन से इजाजत मांगी गई है।
2012 में लगी थी दो एयर एंबुलेंस
यूपी में 2012 के विधानसभा चुनाव में दो और 2014 के लोकसभा चुनाव में एक एयर एंबुलेंस लगाई गई थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में एयर एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई जाएगी।
गृह विभाग ने छह एयर एंबुलेंस के लिए इजाजत मांगी है। हालांकि, इसकी संख्या की स्वीकृति अभी नहीं मिली है।
जेलों में मोबाइल फोन का प्रयोग रोकने के निर्देश
चुनाव आयोग ने जेलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर नाराजगी जताते हुए प्रदेश सरकार को इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि जेलों में बंद अपराधी मोबाइल फोन का इस्तेमाल खूब करते हैं।
आयोग से मिले कड़े निर्देश के बाद अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था दलजीत चौधरी ने अपर पुलिस महानिदेशक कारागार को पत्र लिखकर इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने को कहा है।
साथ ही सभी जेलों के प्रशासन से इस आशय का एक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसमें यह लिखकर देना होगा कि उनकी जेल में किसी भी प्रकार का मोबाइल प्रयोग नहीं हो रहा है।