मुजफ्फरनगर में भड़की हिंसा के बाद रेलवे ने भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली ट्रेनों की सतर्कता बढ़ा दी है।
एक कम्पनी पीएसी और एक कम्पनी आरपीएफ को मुजफ्फरनगर स्टेशन पर तैनात कर दिया गया है।
डीजी रेलवे रिजवान अहमद ने मुजफ्फरनगर-दिल्ली-सहारनपुर रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों को आउटर पर न रोकने के निर्देश रेलवे प्रशासन को दिए हैं। इन क्षेत्रों में ट्रेनों को सीधे प्लेटफार्म पर ही रोका जाएगा।
डीजी रेलवे ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश जाने वाली सभी ट्रेनों में एस्कॉर्ट की व्यवस्था की जा रही है।
एस्कॉर्ट के यह सदस्य रास्ते में पड़ने वाली सभी जीआरपी चौकियों से संपर्क करेंगे। ट्रेनों में विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
तीन डिपो की 258 बसें खड़ी
परिवहन निगम को मुजफ्फरनगर दंगे से करारा झटका लगा, जिससे आमदनी पर फर्क पड़ा है।
दंगा ग्रस्त इलाके के तीन डिपो की 258 बसों का संचालन ठप है। जब कि 202 बसों का संचालन प्रभावित हुआ है। इससे निगम को रोजाना लाखों रुपये की चोट पहुंच रही है।
निगम प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा के अनुसार, मुजफ्फरनगर डिपो से 189, खतौली डिपो की 51 एवं शामली डिपो की 18 बसें दंगे बाद से खड़ी हैं। वहीं, सहारनपुर से 202 बसों की सेवाएं प्रभावित है। इसके अलावा मेरठ से दिल्ली जाने वाली सेवाएं भी बाधित हैं।