नाम तो सतर्कता आयोग है, लेकिन दस्तावेजों की सुरक्षा में लापरवाह।
सतर्कता आयोग के चेयरमैन और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केके सिन्हा के कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, रैम और प्रोसेसर चोरी होने से तो यही माना जाएगा।
बुधवार को केके सिन्हा जब ऑफिस पहुंचे तब इसका खुलासा हुआ। सिन्हा के आदेश पर प्रशासनिक अधिकारी सोबरन लाल वर्मा ने रातों-रात हजरतगंज कोतवाली में अज्ञात चोर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने आयोग के दफ्तर पहुंचकर स्टाफ से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक कंप्यूटर में भ्रष्टाचार से संबंधित कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच रिपोर्ट सहित अन्य गोपनीय जानकारियां थी।
हालांकि चेयरमैन श्री सिन्हा ने हार्ड डिस्क में कुछ पुराने शासनादेश या विभाग से संबंधित अन्य जानकारियां ही होने का आंदेशा जताया है।
हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि श्री सिन्हा कक्ष संख्या 501 में बैठते हैं। बुधवार सुबह उन्होंने कर्मचारियों से अपने कक्ष में लगा सरकारी कंप्यूटर ऑन करने को कहा।
काफी कोशिश के बाद भी कंप्यूटर नहीं चला तो इंजीनियर बुलया गया। बकौल इंस्पेक्टर, इंजीनियर ने कंप्यूटर की कैबिनेट खोली तो हार्ड डिस्क, रैम और प्रोसेसर गायब थे।
इन महत्वपूर्ण पार्ट्स के गायब होने की जानकारी पर आयोग कार्यालय में हड़कंप मच गया। उन्होंने स्टाफ के लोगों से पूछताछ की लेकिन चोरी के बारे में जानकारी से सबने हाथ खड़े कर दिए।
इसके बाद श्री सिन्हा ने प्रशासनिक अधिकारी को बुलाकर एफआईआर कराने के आदेश दिया। सोबरन सिंह ने बताया कि चेयरमैन कक्ष के दरवाजे-खिड़कियां भीतर से बंद थे।
कक्ष में जबरन प्रवेश करने के साक्ष्य नहीं मिले हैं इसलिए माना जा रहा है कि मास्टर की से ताला खोलकर कोई कक्ष में घुसा होगा। सोबरन सिंह के मुताबिक जिसने भी चोरी की है, वह निश्चित रूप से कंप्यूटर का जानकार होगा।
उन्होंने बताया कि शनिवार-रविवार को ऑफिस बंद रहता है। चोरी इसी दौरान हुई होगी।
मामले की जांच कर रहे दरोगा ने बृहस्पतिवार दोपहर आयोग के दफ्तर पहुंचकर चेयरमैन के निजी सचिव, नाजिर, ड्राइवर सहित स्टाफ के अन्य लोगों के बयान दर्ज किए हैं।