रायबरेली। दीपावली का पर्व बीत गया है। अब छठ पर्व की बारी है। जिले में काफी लोग बिहार और पूर्वांचल के रहने वाले हैं, जो छठ पर्व मनाने के लिए घर जाने लगे हैं। छठ पूजा 7-8 नवंबर को होगी, लेकिन इस पर्व की शुरुआत पांच नवंबर से हो जाएगी। इसलिए ट्रेनों में भीड़ नजर आने लगी है। ज्यादातर ट्रेनों में सीटें फुल हैं।
दीपावली पर जिस तरह मुंबई, पंजाब और दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में एक पखवाड़े तक सीटें फुल रहने से यात्रियों को आने में दिक्कत हुई, उसी तरह छठ पर्व मनाने के लिए पूर्वांचल और बिहार के जिलों में जाना भी मुश्किल भरा हो सकता है। बिहार और पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के निवासी काफी लोग यहां नौकरी या कामकाज के सिलसिले में रहते हैं।
जिले में भी छठ पर्व मनाया जाता है, फिर भी ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ छठ पर्व मनाने के लिए बिहार और पूर्वांचल जाते हैं। पूर्वांचल के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। वाराणसी से दूसरी ट्रेन का सहारा लेना पड़ेगा। बिहार के लिए अर्चना एक्सप्रेस व कुछ स्पेशल ट्रेनें जरूर चल रही हैं, लेकिन ये ट्रेनें रोजाना नहीं चलती हैं।
ऐसे में यात्रियों को वाराणसी जाने के बाद दूसरी ट्रेन पकड़नी होगी। छठ पूजा के पहले पटना जाने वाली अर्चना एक्सप्रेस में वेटिंग में 100 के पार पहुंच गई है, वहीं जय नगर जाने वाली स्पेशल ट्रेन में भी कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं।
छठ पूजा के बाद वापस आने के लिए भी ट्रेनों में सीटें मिलनी मुश्किल है, क्योंकि सभी सीटें फुल हो चुकी हैं। छठ पूजा के लिए जाने वालों का सिलसिला रविवार से शुरू हो गया, जो मंगलवार तक चलेगा। इससे स्टेशन पर भीड़ दिख रही है।
दिवाली के बाद घर वापसी की भीड़ शुरू
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन रायबरेली समेत जिले के अन्य रेलवे स्टेशनों पर दो दिन के सन्नाटे के बाद फिर से रौनक लौटने लगी है। बृहस्पतिवार को सुबह तक आई ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ के कारण स्टेशनों पर काफी चहल-पहल रही, लेकिन इसके बाद रौनक पूरी तरह गायब हो गई। स्टेशनों पर बमुश्किल दो-चार यात्री ही नजर आए। शनिवार शाम से यात्रियों की भीड़ दिखने लगी।
छुट्टियों पर घर आए लोग अब नाते-रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए निकल रहे हैं, जिससे स्टेशन पर चहल-पहल दिखी। दीपावली मनाने के बाद दिल्ली, मुंबई, पंजाब समेत अन्य प्रांतों में कामकाज या नौकरी करने वाले लोगों के लौटने का सिलसिला सोमवार से शुरू होगा, जो एक हफ्ते तक चलता रहेगा। एक तरफ दीपावली के बाद लौटने वालों और दूसरी तरफ छठ पूजा के लिए जाने वालों की भीड़ से स्टेशन पर भी जगह नहीं मिलेगी।