मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी रोगी को कोविड या नॉन-कोविड हॉस्पिटल में पहुंचने पर जांच के लिए प्रतीक्षा न करना पड़े। उसकी मेडिकल स्क्रीनिंग के प्रबंध 15 से 30 मिनट में करके आगे की कार्यवाही की जाए। लोग कोरोना से डरें नहीं। यह कोई अभिशाप नहीं है।
लोगों को आगे आकर जांच करानी चाहिए ताकि समय रहते उनका इलाज हो सके। मुख्यमंत्री ने जिलों में सर्विलांस सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर देते हुए कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सिविल डिफेंस, एसीसी कैडेट्स, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता को भी सर्विलांस टीम में शामिल कर उन्हें प्रशिक्षण दिलाने को कहा है।
वे गुरुवार रात अपने आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये गौतमबुद्धनगर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, अलीगढ़, मुरादाबाद, बुलंदशहर, झांसी तथा बस्ती के नोडल अधिकारियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने नोडल अधिकारियों से वहां के कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति और उससे बचाव के बारे में जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम और कम किया जाए। ऐसा न होने पर एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी।