प्रो. एसके बारिक
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नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनबीआरआई) के वैैज्ञानिकों ने आंवला, अखरोट व मेहंदी जैसे पौधों से हर्बल हेयर कलर तैयार किया है। इस हर्बल उत्पाद को हिमाचल प्रदेश की एक निजी कंपनी के सहयोग से बाजार में लाया जाएगा।
इसकी कीमत भी बाजार में मौजूद रसायन से निर्मित हेयर कलर से कम रखने की योजना कंपनी की है। बृहस्पतिवार को एनबीआरआई के 65वें वार्षिक समारोह में इस हर्बल हेयर कलर को लॉन्च किया गया। कार्यक्रम में इंडियन फार्माकोपिया कमीशन के वैज्ञानिक निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र नाथ सिंह, यूनीवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज बंगलुरू के प्रो. आर उमाशंकर और निदेशक एनबीआरआई प्रो. एसके बारिक मौजूद रहे।
एनबीआरआई के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. महेश पाल ने बताया कि हर्बल हेयर कलर को आंवला, मेंहदी, अखरोट, बहेड़ा जैसे पौधे और फलों के सत्व से तैयार किया गया है। इस हेयर कलर के दो फायदे होंगे। पहला, जहां सफेद बालों से छुटकारा मिलेगा। वहीं औषधीय गुण होने की वजह से धीरे-धीरे बाल अंदर से ही काले होने लग जाएंगे। बालों के लिए यह टॉनिक का काम करता है। ऐसे में यह रूसी से भी छुटकारा दिलाएगा।