मुख्यमंत्री ने कहा कि एग्रेसिव ट्रेसिंग, टेस्टिंग और त्वरित ट्रीटमेंट की नीति के साथ-साथ तेज टीकाकरण की नीति से उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण नियंत्रित स्थिति में है। टेस्टिंग और टीकाकरण में उत्तर प्रदेश, देश में शीर्ष पायदान पर है। प्रदेश में अब तक 07 करोड़ 23 लाख 18 हजार 979 टेस्ट हो चुके हैं। इसी प्रकार, 30 अगस्त तक 07 करोड़ 15 लाख 60 हजार से अधिक वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। 06 करोड़ से अधिक प्रदेशवासियों ने टीके की कम से कम एक डोज जरूर ले ली है। इस महत्वपूर्ण कार्य को और तेज किए जाने के प्रयास हों। भारत सरकार से सतत संपर्क बनाए रखा जाए।
लगातार कोशिशों से उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर की स्थिति नियंत्रण में है। संक्रमण दर न्यूनतम स्थिति में है। ताजा स्थिति के मुताबिक प्रदेश के 23 जनपदों में एक्टिव केस शून्य हैं। विगत 24 घंटों में हुई 01 लाख 73 हजार 419 सैम्पल की टेस्टिंग में 65 जिलों में एक भी नया मरीज नहीं पाया गया। मात्र 19 नए संक्रमित पाए गए, जबकि 74 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए। प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 256 है। कोविड रिकवरी दर 98.6 है, जबकि बीते 24 घंटे में पॉजिटिविटी दर 0.01% फीसदी रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों में कोविड के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। हमें सावधान रहना होगा। अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाना बहुत जरूरी है। रात्रि 10 बजे के बाद रात्रिकालीन कर्फ्यू को प्रभावी बनाया जाए। 10 बजे तक सभी दुकानें/बाजार बंद हो जाएं। लोग अनावश्यक सड़कों पर न घूमें।
जनपद फिरोजाबाद में बच्चों के साथ-साथ प्रौढ़ लोग भी बीमार हुए हैं। सभी के बेहतर ट्रीटमेंट की व्यवस्था की जा रही है। सभी मरीजों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया जाना उचित होगा। आवश्यक्तानुसार मेडिकल कॉलेज में बेड की संख्या बढ़ाई जाए। हमें सर्विलांस को और बेहतर करना होगा। विशेषज्ञों की टीम फिरोजाबाद में कैंप करे। जरूरत के अनुसार रेजिडेंट डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की तुरन्त तैनाती की जाए। दवाओं और अन्य जरूरतों की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। आगरा और फिरोजाबाद की स्थिति पर शासन स्तर से 24×7 नजर रखी जाए।
जनपद एटा और बरेली में अराजक तत्वों द्वारा पुलिस की वर्दी पहन कर अवैध वसूली करने और मारपीट करने की घटना सामने आई है। यह उत्तर प्रदेश पुलिस की साख को खराब करने की साजिश है। ऐसे लोगों पर अविलम्ब कठोरतम कार्रवाई की जाए।
केंद्र व राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में कुल 554 प्लांट लागाये जाने प्रस्तावित हैं। अब तक 357 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। जिलाधिकारी गण निर्माणाधीन प्लांट के कार्यों का सतत निरीक्षण करते रहें।