लखनऊ। नगर निगम की ओर से विस्तारित क्षेत्र में कराए सर्वे में 88 गांवों में 56 56 निष्प्रयोज्य सरकारी संपत्तियां मिली हैं। नगर निगम प्रशासन अब इनमें स्कूल, लॉ कॉलेज, कल्याण मंडप, कार्यालय और स्टोर बनाएगा। अधिकारियों ने संपत्तियों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। जगह के अनुसार फैसला लिया जाएगा कि किस संपत्ति में क्या बनवाया जाए।
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि नगर निगम की ओर से निष्प्रयोज्य सरकारी संपत्तियों का सर्वे कराया गया। इन्हें संरक्षित करने के साथ ही सुंदरीकरण करते हुए इस्तेमाल में लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि विस्तारित क्षेत्र के 88 गांवों से नगर निगम में शामिल हुए इलाकों का सर्वे कराया गया है। इसमें मिली 56 संपत्तियों में पंचायत भवनों की संख्या सर्वाधिक है। कम्युनिटी सेंटर और बरातघर भी काफी संख्या में हैं।
यहां मिलीं इतनी संपत्तियां
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जोन-3 में 11, जोन-4 में 12, जोन-5 में तीन, जोन-6 में नौ, जोन-7 में 12 और जोन-8 में नौ संपत्तियां मिली हैं। इनके इस्तेमाल से एक बड़ी आबादी को राहत हो जाएगी।
इस्तेमाल में लाया जाएगा जर्जर कार्यालय
सीतापुर रोड स्थित जमीन पर डिग्री कॉलेज बनाना प्रस्तावित किया गया है। कल्ली पश्चिम व बिजनौर इलाके में इंटर कॉलेज व प्राइमरी स्तर के तीन स्कूल खोले जाएंगे। अन्य संपत्तियों में कल्याण मंडप, स्टोर और कार्यालय बनाए जाएंगे। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि मॉर्डन स्कूल और लॉ कॉलेज बनाने की भी योजना है, जो खुद अपना खर्च उठा सकेंगे। उन्होंने बताया कि नउवा खेड़ा गांव की जमीन पर बना कम्युनिटी सेंटर बाहरी लोग चला रहे हैं। भिठौली क्रॉसिंग के किनारे खाली पड़ा विद्युत यांत्रिक विभाग का कार्यालय भी जर्जर हो रहा है। इसे अब इस्तेमाल में लाया जाएगा।
पुराने वार्डों में भी होगा सर्वे
नगर निगम प्रशासन ऐसी संपत्तियां चिह्नित करने के लिए पुराने वार्डों में भी सर्वे कराएगा। इससे संपत्तियों को पुन: इस्तेमाल में लाया जा सकेगा। जानकीपुरम कल्याण समिति के महासचिव विनय कृष्ण ने बताया कि कि उनके क्षेत्र में भी ऐसी दो संपत्तियां हैं, जिनका इस्तेमाल निगम कार्यालय बनाने के लिए किया जा सकता है।