रायबरेली। निजी स्कूल संचालक बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बिना मानक के ही बसों से बच्चे ढोने का कार्य कर रहे हैं। इसका खुलासा सोमवार को ट्रैफिक पुलिस के वाहन चेकिंग अभियान के दौरान हुआ। एक निजी स्कूल बस में अग्निशमन यंत्र तो लगा मिला, लेकिन उसमें गैस नहीं थी। ऐसे में बस में सवार बच्चों की सुरक्षा की अनदेखी की जा रही थी।
दो बसों पर गति नियंत्रक यंत्र नहीं लगा था। ऐसे में तय नहीं हो पा रहा था कि दोनों बसें किस रफ्तार से शहर के अंदर दौड़ रही हैं। वैसे नियम है कि निजी बसें शहर में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जा सकती हैं। यातायात प्रभारी अजय सिंह तोमर ने तीनों निजी स्कूलों के प्रबंधक को फोन मिलाया और हिदायत दी कि नियमों का पालन करके ही बसें सड़कों पर दौड़ाई जाए। दोबारा मिलने पर वाहनों को सीज कर दिया जाएगा।
यातायात माह के तहत लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर सिविल लाइन के पास निजी स्कूली के बसों की चेकिंग अभियान चलाया गया। यातायात प्रभारी ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 19 बसों को चेक किया गया। तीन बसों का संचालन नियमों की अनदेखी पर हो रहा था। इन पर तीनों बसों का ढाई-ढाई हजार रुपये का चालान किया गया।